Medically Reviewed by Dr. Preeti Singh
डॉ प्रीति सिंह, सीनियर कंसल्टेंट साइकोथेरेपिस्ट और क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट
पारस हॉस्पिटल, गुड़गांव
डिग्री- एमए, एमफील- क्लीनिकल साइकोलॉजी, पीएचडी
अनुभव- 16 वर्ष से अधिक
इन दिनों कई लोग तनाव का शिकार हो रहे हैं लेकिन एक बुरी आदत उनके साथ जुड़ी हुई है, वो यह है कि वे स्वीकार ही नहीं पा रहे हैं कि वे तनाव का शिकार हो चुके हैं, अपने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरतते हैं। ऐसे में आगे चलकर यह समस्या और भी विकराल हो जाती है, अपने आसपास के माहौल को देखकर दिन-ब-दिन मानसिक रूप से अस्वस्थ होते जा रहे हैं। ऐसे में बहुत जरूरी है कि यदि आप किसी और की बात को नहीं मान रहे हैं तो खुद से अपने लक्षणों पर ध्यान दें। अगली स्लाइड्स में बताए गए लक्षणों से पता करें कि कहीं आपको भी तो तनाव नहीं हो रहा है।
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अपने आप को व्यस्त रखें
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आपको लगता है कि आपकी दुनिया टूट रही है
इसे मल्टीप्ल रिप्पल इफेक्ट कहा जाता है। ऐसे में आप आपके दोस्त, माता पिता, साथी और लोगों से घृणा करने लगते हैं, उनसे बिना बात के उलझ जाते हैं। यह खुद को समझने और अपने लिए समय निकलने का वक्त है। ध्यान दें कि आप अपनी नींद और भूख को संतुलित रखने के लिए क्या कर सकते हैं। अपने आप को व्यस्त रखें।
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यह जीवनशैली ठीक नहीं है
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आप नींद और भूख के पैटर्न से परेशान हैं
बड़ी संख्या में मानसिक विकार नींद में गड़बड़ी के कारण होते हैं। यदि आप एक बार में सो नहीं पाते हैं या दिन में गहरी नींद सो रहे हैं तो यह जीवनशैली ठीक नहीं है। ऐसे में शराब और कैफीन से बचें, हल्की शारीरिक गतिविधियाँ करें, आरामदायक संगीत सुनें। अपना रूटीन सही करने का प्रयास करें।
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मेडिटेशन शुरू करें
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आप अक्सर चीजों को भूल जाते हैं
यह आपके दिमाग से गुजरने वाली कई चीजों के कारण होता है जो ज्यादातर तनाव और चिंता का कारण होता है। ध्यान का अभाव, ध्यान की कमी, भूलने की बीमारी और निर्णय लेने में कठिनाई, इन सब बातों को रोकने के लिए बुरे परिणामों की कल्पना करने से बचें, मेडिटेशन शुरू करें, आप गार्डनिंग भी अपना सकते हैं।
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हमारी बॉडी माइंड से जुड़ी होती है
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चिंता का अनुभव होना
आज के महामारी के समय में लाजमी है चिंता होना। हमारी बॉडी माइंड से जुड़ी होती है, तो हमेशा ध्यान रखें कि अगर आपका मस्तिष्क सतर्क होगा तो जो भी आप देख और सुन रहे हैं उससे हृदयस्पंदन, पसीना, कांपने, ठंडी चमक, दूसरों के बारे में सोचने के साथ-साथ किसी बुरी बात को लेकर चिंतित होने जैसे लक्षण उत्पन्न होंगे जो कि चिंता का मुख्य कारण है।