कैंसर वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती सबसे घातक बीमारियों में से एक है। इसे दुनियाभर में मौत का एक प्रमुख कारण माना जाता है। साल 2020 में लगभग 10 मिलियन या छह में से लगभग एक मौत के लिए इस बीमारी को जिम्मेदार पाया गया है। भारत में भी कैंसर एक बड़े खतरे के तौर पर उभरती समस्या है, जिससे बचाव के लिए विशेषज्ञ सभी लोगों को लगातार प्रयास करते रहने की सलाह देते हैं। इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर के मुताबिक साल 2018 में भारत में कैंसर से करीब 7.84 लाख लोगों की मौत हुई। यह वैश्विक कैंसर से होने वाली मौतों का 8% और भारत में सभी कारणों से होने वाली मौतों का 6 फीसदी है।
Skin Cancer Symptoms: आपकी आंखें भी देती हैं कैंसर का संकेत, ऐसे लक्षणों को न करें अनदेखा करने की गलती
आंखें देती हैं कैंसर का संकेत
सामान्यतौर पर कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि को कैंसर का कारण माना जाता है। वहीं सूर्य की पराबैंगनी किरणों और रसायनों के अधिक संपर्क में रहने वाले लोगों में त्वचा कैंसर का जोखिम अधिक हो सकता है। लक्षणों के संदर्भ में, ज्यादातर लोगों में त्वचा के कैंसर की स्थिति में शरीर पर तिल जैसे निशान विकसित होने लगते हैं, जो समय के साथ गंभीर होते जाते हैं। इसके अलावा शोधकर्ताओं ने पाया है कि स्किन कैंसर के कुछ लक्षण पलकों और आंखों में भी देखे जा सकते हैं।
अध्ययन में क्या पता चला?
न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन (एनईजेएम) में, एक प्रकाशित रिपोर्ट से पता चलता है कि आंखों से स्किन कैंसर का पता लगाया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक एक 47 वर्षीय महिला को दो सप्ताह से अधिक समय से आंखों में खुजली की समस्या थी। निदान के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि उसकी पलक बाहर निकली हुई थी। इनपर भूरे रंग के पैच के साथ उभार देखा गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला के पैलेब्रल कंजंक्टिवा में घातक स्किन कैंसर की समस्या का निदान किया।
आंखों में स्किन कैंसर के लक्षण
कोलंबिया डिपार्टमेंट ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी के विशेषज्ञों के अनुसार आंखों में कुछ समस्याओं का लगातार बने रहना और ठीक न होना, आई मेलेनोमा का संकेत हो सकता है, जिसपर शीघ्रता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
- आंखों में असामान्य उभार, कुछ स्थितियों में इससे खून आना।
- आंखों की त्वचा का खुरदुरा, पपड़ीदार होना, भूरे और लाल रंग के धब्बे दिखना।
- चिकना, मोती नुमा सख्त और लाल रंग का उभार नजर आना।
- आंखों में मांस बढ़ना।
- आंखों में किसी तरह का घाव जो ठीक न हो रहा हो।
- पलकों का गायब हो जाना।
क्या कहते हैं वैज्ञानिक?
वैज्ञानिकों का कहना है कि अध्ययन में जिस महिला का जिक्र किया गया है, उसका इलाज शुरू होने के एक हफ्ते बाद भूरे रंग के पैच में बढ़ोतरी नहीं देखी गई है। इससे स्पष्ट होता है कि अगर समय पर स्थिति का निदान हो जाए तो रोग को बढ़ने से रोका जा सकता है। आंखों में नजर आने वाले किसी भी तरह के असामान्य बदलाव को बिल्कुल अनदेखा न करें। यदि आपमें कैंसर का आनुवांशिक खतरा है तो लक्षणों को लेकर और भी अलर्ट रहने की आवश्यकता है।
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स्रोत और संदर्भ
Melanoma of the Palpebral Conjunctiva and Eyelid
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