Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष
विटामिन कई प्रकार के होते हैं और वो सभी शरीर के लिए बहुत ही जरूरी होते हैं। विटामिन-के भी हमारे शरीर के लिए बहुत ही जरूरी विटामिन है। इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। यह हड्डियों और दिल को स्वस्थ रखता है और साथ ही चोट लगने से होने वाले रक्तस्राव को रोकने में मदद करता है। दरअसल, यह रक्त का थक्का जमाने के लिए अति आवश्यक होता है, जिससे खून का बहाव रुक जाता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर रक्त का थक्का न बने तो चोट लगने पर, अधिक रक्तस्राव के कारण व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। इसलिए विटामिन-के बहुत ही जरूरी है। इसके अलावा यह विटामिन शरीर को अनेक रोगों से लड़ने में भी मदद करता है। अगर शरीर में इस विटामिन की कमी हो जाए तो कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इसकी कमी के लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
सावधान: शरीर में विटामिन-के की कमी से हो सकती हैं ये गंभीर समस्याएं, ऐसे लक्षण दिखें तो हल्के में न लें
विटामिन-के की कमी के लक्षण क्या हैं?
- जोड़ों में दर्द
- मांसपेशियों में अचानक ऐंठन और अनियंत्रित संकुचन पैदा होना
- हल्का चोट लगने पर भी ज्यादा खून बहना
- घाव का जल्दी न भरना
- दांतों या मसूड़ों से अक्सर खून आना
- मल का त्याग करते समय या पेशाब के दौरान खून निकलना
- मासिक धर्म के दौरान अधिक दर्द होना
विटामिन-के की कमी से होने वाली समस्याएं और रोग
- शरीर में अगर विटामिन-के की कमी हो जाए तो हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और उससे संबंधित बीमारियां, जैसे ऑस्टियोपोरोसिस हो सकती है। विटामिन-के की कमी से रक्त धमनियां सख्त हो जाती हैं और आंखों की समस्या भी हो सकती हैं। इसके अलावा इससे दिल से जुड़ी बीमारियां भी हो जाती हैं।
वैसे तो गर्भावस्था या डिलीवरी के दौरान डॉक्टर अक्सर शिशुओं की जांच करते हैं, लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर शिशु में विटामिन-के की कमी हो तो उनमें रक्तस्रावी रोग होने का खतरा पैदा हो सकता है। मेडिकल भाषा में इसे एचडीएन (HDN) कहा जाता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है।
विटामिन-के के स्रोत क्या हैं?
- हरी पत्तेदार सब्जियां
- सरसों का साग, पालक
- गेहूं, जौ
- मूली, चुकंदर
- लाल मिर्च
- केला
- अंकुरित अनाज
- रसदार फल
नोट: डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
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