Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष
विटामिन-बी2 को राइबोफ्लेविन के नाम से भी जाना जाता है। विटामिन-बी समूह का यह विटामिन अच्छी सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है। खाने खाने के बाद उसे पचाने और उसमें से पोषक तत्वों को अवशोषित करने में यह मदद करता है। इसे ऊतकों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि विटामिन-बी2 शरीर में एंटी-ऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। यह स्वस्थ रक्त कोशिकाओं को बनाने और शारीरिक ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करता है। इसकी अधिकता और कमी, दोनों से शरीर को कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। इसलिए शरीर में विटामिन-बी2 उचित मात्रा में होना बहुत जरूरी है। यह मेटाबॉलिज्म को ठीक रखने, आंखों और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में सहायक होता है। विटामिन-बी2 की कमी से बचने के लिए रोजाना इसे अपने आहार में लेना जरूरी होता है। आइए जानते हैं इस विटामिन की कमी से होने वाली बीमारियों और लक्षणों के बारे में...
सावधान: शरीर में विटामिन-बी2 की कमी हो सकती है खतरनाक, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
विटामिन-बी2 की कमी के लक्षण
- जीभ और होठों के किनारों में सूजन
- होठों का सूखना या छाले होना
- जीभ का काला पड़ जाना
- गले में दर्द या सूजन आना
- थकान
- गले में खराश होना
- आंख आना
- आंखों में खुजली और जलन होना
- प्रकाश के प्रति आंखों का अतिसंवेदनशील हो जाना
- बालों का झड़ना
विटामिन-बी2 की कमी से होने वाली बीमारियां
- विशेषज्ञ कहते हैं कि विटामिन-बी2 यानी राइबोफ्लेविन की कमी तंत्रिका संबंधी बीमारियां, एनीमिया और हृदय रोगों से जुड़ी होती है। साथ ही इसकी कमी से त्वचा का फटना और आंखों का लाल होना, जैसी समस्याएं भी हो सकती है। इसलिए शरीर में इसकी कमी को पूरा करना जरूरी है।
विटामिन-बी2 के स्रोत
- दूध और दूध से बने उत्पाद
- अंडा
- मछली
- मीट, चिकन
- लाल मिर्च
- किशमिश
- मटर, मशरूम
- शकरकंद
- ब्रोकली
- पालक
- दही
- ड्राई फ्रूट्स
अधिक विटामिन-बी2 लेने से क्या नुकसान?
- शरीर में विटामिन-बी2 की अधिकता लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है। हालांकि ऐसे मामले बहुत कम ही देखने को मिलते हैं। विटामिन-बी2 युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से शरीर में इसकी अधिकता की संभावना बहुत कम होती है। अगर आप दवा या इंजेक्शन के रूप में इसकी अधिक मात्रा लेते हैं तो यह आपको नुकसान पहुंचा सकता है।
नोट: डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
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