Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
विटामिन-ए शरीर के लिए बहुत ही जरूरी होता है। यह एक शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट है, जो फ्री रेडिकल्स (मुक्त कण) के हानिकारक प्रभावों से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा शरीर के सही विकास में यह बहुत अहम भूमिका निभाता है। इसीलिए विटामिन-ए को नवजात शिशुओं और बच्चों के लिए बहुत ही जरूरी माना जाता है। हालांकि यह हर उम्र के लिए इंसान के लिए जरूरी है। यह प्रतिरक्षा तंत्र के कार्य में भी सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे किसी भी तरह के संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है। विटामिन-ए कुछ खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। गाजर, चुकंदर, शकरकंद, टमाटर, ब्रोकली, मटर आदि इसके अच्छे स्रोत हैं। इन्हें खाकर शरीर में विटामिन-ए की कमी पूरी की जा सकती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर शरीर में इसकी कमी हो तो कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं शरीर में विटामिन-ए की कमी की लक्षण क्या हो सकते हैं...
सावधान: विटामिन-ए की कमी से हो सकती हैं ये गंभीर समस्याएं, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
विटामिन-ए की कमी के लक्षण
- थकावट महसूस होना
- होठ फटना
- दस्त
- मूत्राशय में संक्रमण
- चोट का जल्दी न भरना
- बच्चे का शारीरिक विकास नहीं होना
- आंखों की रोशनी कम होना
- श्वास नली के ऊपरी और निचले हिस्से में संक्रमण होना
विटामिन-ए की कमी से होने वाली समस्याएं और रोग
- अंधापन
- एनीमिया
- पेशाब नली में संक्रमण
- इम्यूनिटी कमजोर होना
- श्वसन प्रणाली में संक्रमण
विटामिन-ए की कमी के कारण
- लिवर की बीमारी होने पर शरीर में विटामिन-ए की कमी हो जाती है
- टीबी, कैंसर, निमोनिया, किडनी संक्रमण, यूरिन इंफेक्शन
- गर्भवती महिला और स्तनपान कराने वाली महिलाओं में विटामिन-ए की कमी की आंशका बनी रहती है
विटामिन-ए की कमी से बचाव के उपाय
- शरीर में विटामिन-ए की कमी न हो, इसके लिए जरूरी है कि विटामिन-ए युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें
- गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं विशेष ध्यान रखें कि उनके शरीर में विटामिन-ए की कमी न हो
- डॉक्टर की सलाह पर बच्चों को समय-समय पर विटामिन-ए की खुराक दें
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
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