Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
भोजन इंसान की ऐसी आवश्यकता है, जो शरीर को पोषण देता है और पोषक तत्वों की कमी को पूरा करता है। इसलिए सुबह हो, दोपहर हो या रात, कभी भी खाना नहीं छोड़ना चाहिए। जिस तरह से शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सुबह का नाश्ता जरूरी होता है, ठीक वैसे ही रात का खाना भी बहुत जरूरी होता है। हालांकि दुनिया में बहुत से ऐसे लोग हैं, जो भूखे पेट ही सो जाते हैं। अगर आप वजन घटाने के लिए या किसी अन्य मकसद से कोई डाइट फॉलो कर रहे हैं, तो रात का खाना छोड़ सकते हैं, लेकिन एक सामान्य व्यक्ति के लिए यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है। विशेषज्ञ कहते हैं कि खाली पेट सोना सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। यह स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियों की वजह बन सकता है। आइए जानते हैं रात को भूखे पेट सोने से होने वाले नुकसान के बारे में...
सलाह: कभी न करें रात को भूखे पेट सोने की गलती, हो सकती हैं ये गंभीर परेशानियां
नींद होती है खराब
- रात को भूखे पेट सोने का सबसे बड़ा नुकसान ये है कि इससे नींद खराब होती है। दरअसल, रात को भूख लगने पर दिमाग खाने के प्रति सचेत करने लगता है, जिससे बार-बार भूख का अहसास होने लगता है। इससे आपको सोने में भी परेशानी होती है। अगर आप अक्सर रात को भूखे पेट सो जाते हैं तो हो सकता है कि आगे चलकर आपको नींद से जुड़ी कोई समस्या का सामना करना पड़े।
मांसपेशियां हो जाती हैं कमजोर
- मांसपेशियों को मजबूत रखने के लिए सही समय पर खाना और स्वस्थ आहार लेना बहुत जरूरी होता है। लेकिन अगर आप भूखे पेट सोते हैं, तो इससे प्रोटीन और अमीनो एसिड की कार्यक्षमता पर असर पड़ता है और मांसपेशियों में कमजोरी आनी शुरू हो जाती है। इसलिए स्वस्थ शरीर के लिए रात का खाना बहुत जरूरी होता है।
एनर्जी का स्तर होता है कम
- विशेषज्ञ बताते हैं कि रात को पर्याप्त नींद लेने से एनर्जी का स्तर बेहतर होता है, लेकिन अगर आप भूखे पेट सोएंगे तो भूख की वजह से आपकी नींद पूरी नहीं हो पाएगी, जिससे पूरे दिन आपको 'लो एनर्जी' की शिकायत रहेगी, थकान महसूस करेंगे। इसलिए यह जरूरी है कि रात को सोने से पहले कुछ न कुछ जरूर खाएं।
मूड में आता है बदलाव
- विशेषज्ञ बताते हैं कि भूखे पेट सोने से मूड स्विंग होता है। हर समय गुस्सा और चिड़चिड़ापन का अहसास बना रहता है। इसलिए कोशिश करें कि रात को हल्का-फुल्का ही सही, लेकिन कुछ न कुछ खाकर ही सोएं।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
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