डॉ राजेश मुंडेजा
जनरल फिज़ीशियन
अनुभव- 25 साल से ज्यादा
Medically Reviewed by Dr. Rajesh Mundeja
व्यक्ति को समय-समय पर कई तरह की दिक्कतें हो जाती हैं, जिनकी वजह से वो काफी परेशान रहता है। कभी हाथ-पांव में दर्द, जोड़ों में दर्द, तो कभी कमर दर्द जैसी नाजाने कितनी दिक्कतें आए दिन व्यक्ति को घेर लेती हैं। ऐसी है एक समस्या है कान का दर्द। कई लोगों के कान में अचानक दर्द होने लगता है और कई लोगो के कान से मवाद तक निकलने लगता है। ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करके इलाज कराना बेहतर विकल्प है। इसके अलावा आप कुछ घरेलू नुस्खों को भी अपना सकते हैं। हो सकता है कि इन घरेलू उपायों की मदद से आपको राहत मिले। तो हम आपको कुछ ऐसे ही नुस्खों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो हो सकता है कि आपकी मदद कर पाएं। तो चलिए जानते हैं इनके बारे में।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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लहसुन और तेल आ सकते हैं काम
- लहसुन और तेल की जोड़ी आपको कान की समस्या में आराम दे सकती है। इसके लिए आपको 4-5 लहसुन की कली लेकर मीठे तेल में डालनी है और फिर इन कलियों को पका लेना है। जब ये हल्का गुनगुना हो तो इस तेल की 3-4 बूंदें अपने कान में डालें। ऐसा करने से आपको फायदा मिल सकता है।
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तुलसी का पौधा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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तुलसी का रस
- जिस तर तुलसी के पत्ते खाकर हमें कई फायदे मिलते हैं, ठीक उसी तरह तुलसी के रस को कान में डालने से कान में हो रहे दर्द और आ रहे मवाद से छुटकारा मिल सकता है। रोजाना 2-3 बूंद कान में डालने से महज कुछ ही दिनों में आपको आराम मिल सकता है।
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पुदीने का पौधा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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पुदीना
- पुदीना आपकी कान की समस्या को दूर करने में आपकी मदद कर सकता है। इसके लिए आपको पुदीने की पत्तियों का रस निकाल लेना है और फिर इस रस की 2-4 बूंदें कान में डालनी है। ऐसा करने से आपके कान की दिक्कत जल्दी दूर हो सकती है।
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प्याज के फायदे
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प्याज का रस
- कान में हो रहे दर्द और मवाद को रोकने में प्याज का रस आपकी मदद कर सकता है। आपको करना ये है कि पहले प्याज का रस निकाल लेना है, और फिर इसे हल्का सा गुनगुना करके इसकी 2-4 बूंदें अपने कान में डालनी है। दिन में 3 बार ऐसा करने से आपको आराम मिल सकता है।
नोट: डॉक्टर राजेश मुंडेजा, सऊदी अरब, मॉरीशस, मालदीव और भारत सहित विभिन्न देशों में काम करने के साथ 25 + वर्षों के अनुभव वाले एक जाने-माने चिकित्सक हैं। इन्होंने बीकानेर के एसपी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और एमडी की डिग्री प्राप्त की है। इसके साथ इन्होंने सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय में चिकित्सा विशेषज्ञ के रूप में काम किया है, और उजाला सिग्नस अस्पताल में शामिल होने से पहले आजमगढ़ उत्तर प्रदेश के महामृत्युंजय अस्पताल में निर्देशक , वरिष्ठ सलाहकार चिकित्सक और चिकित्सा विभाग के प्रमुख रहे हैं।
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