फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

अच्छी खबर: गठिया की दवा के साइडइफेक्ट कम करने के लिए वैज्ञानिकों ने खोजा नया तरीका

Mon, 26 Oct 2020 03:12 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Mon, 26 Oct 2020 03:12 PM IST
विज्ञापन
Scientists find new way to reduce the side effects of arthritis medicine sulfapyridine uses
शोध(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

भारतीय वैज्ञानिकों ने गठिया की दवा सल्फापायरीडाइन के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए मरीजों को दवा देने का नया तरीका खोजा है। पंजाब स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार सल्फापायरीडाइन गठिया (रूमटॉइड आर्थराइटिस) की तीसरी सबसे पुरानी दवा है जो अब भी इस्तेमाल होती है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक इस दवा के सेवन से जी मिचलाना, उल्टी आना, त्वचा पर चकत्ते पड़ना, चक्कर आना, बेचैनी और पेट में दर्द जैसे दुष्प्रभाव सामने आते हैं। अब शोधकर्ताओं ने मरीजों के शरीर के प्रभावित हिस्से तक सीधे दवा पहुंचाने का तरीका खोज निकाला है। 

Scientists find new way to reduce the side effects of arthritis medicine sulfapyridine uses
गठिया (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : iStock

एलपीयू में स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज के एसोसिएट प्रोफेसर भूपिंदर कपूर ने कहा कि अत्यधिक खुराक की वजह से दवा के अणु के दुष्प्रभाव होते हैं, इसलिए हमने एक ऐसा तरीका निकाला है जिससे सीधे शरीर के प्रभावित हिस्से तक पहुंचाया जा सकता है और यह सुरक्षित है। ‘मैटेरियल्स साइंस एंड इंजीनियरिंग सी’ नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने सल्फापायरीडाइन का एक ‘प्रोड्रग’ विकसित करने और इसे दवा देने के नये तरीके में शामिल करने की जानकारी दी है।

Scientists find new way to reduce the side effects of arthritis medicine sulfapyridine uses
गठिया (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

प्रोड्रग को रोगी के शरीर के प्रभावित हिस्से में सीधे इंजेक्ट किया जाता है। इसका दवा के रूप में सेवन नहीं किया जाता। शोधकर्ताओं ने कहा कि इसका मतलब है कि दवा शेष शरीर में फैले बिना सीधे प्रभावित अंग तक पहुंचती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Scientists find new way to reduce the side effects of arthritis medicine sulfapyridine uses
गठिया (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

शोधकर्ताओं के दल ने दवा देने की इस नवोन्मेषी प्रणाली के प्री-क्लीनिकल ट्रायल और परीक्षण सफलतापूर्वक किए हैं। इस अध्ययन का संचालन फोर्टिस अस्पताल, लुधियाना और तमिलनाडु के ऊटी स्थित जेएसएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी के साथ मिलकर किया गया है।

विज्ञापन
Scientists find new way to reduce the side effects of arthritis medicine sulfapyridine uses
गठिया (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : pixabay
बता दें कि गठिया यानी रुमेटाइड आर्थराइटिस अब आम बीमारी हो गई है। इसके रोगियों मरीजों में ऑटोइम्यून थायराइड रोग की व्यापकता होती है। गठिया की समस्या में कभी-कभी व्यक्ति को असहनीय दर्द का सामना भी करना पड़ता है। गठिया की वजह से व्यक्ति को जोड़ों में तेज दर्द, चलने और उठने-बैठने में दिक्कत होती है। गठिया की समस्या में खानपान में भी परहेज की सलाह दी जाती है। 

यह भी पढ़ें: घुटने के दर्द को हल्के में न लें, हो सकता है गठिया, इन लक्षणों पर हो जाएं सावधान

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed