कोरोना वायरस का बढ़ता संक्रमण दुनियाभर के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। राहत की बात यह है कि भारत समेत कई देश इसकी वैक्सीन बनाने के काफी नजदीक हैं। रूस ने तो पहली वैक्सीन बना लेने का दावा किया है। वहीं दूसरी ओर इसके इलाज के लिए अब कई दवाएं भी उपलब्ध हैं। वैक्सीन और दवा से इतर वैज्ञानिक इस वायरस को और ज्यादा गहराई से समझने के लिए लगातार शोधरत हैं। इसी क्रम में वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने कोरोना पीड़ितों में लक्षण दिखने के संभावित क्रम का पता लगा लिया है। दावा किया जा रहा है कि कोरोना महामारी से निपटने में यह शोध मददगार साबित होगी।
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कोरोना के लक्षणों पर वैज्ञानिकों को मिली नई जानकारी, पहले की अपेक्षा जल्दी ठीक हो पाएंगे मरीज
Fri, 14 Aug 2020 07:34 PM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Fri, 14 Aug 2020 07:34 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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- ‘फ्रंटियर्स इन पब्लिक हेल्थ’ पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि कोविड-19 के मरीजों में सबसे पहला संभावित लक्षण है बुखार, उसके बाद खांसी और फिर उसके बाद मांसपेशियों में दर्द, मितली, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण आते हैं। कोरोना के लक्षणों का जो ये क्रम है, इस अध्ययन में यही नई जानकारी है। इसके आधार पर चिकित्सक अन्य बीमारियों की आशंका को खारिज कर सकेंगे। इसके अलावा मरीजों को जल्द उपचार मिल सकेगा और वे सेल्फ आइसोलेशन यानी स्वयं पृथक-वास के बारे में फैसला लेने में भी सक्षम होंगे।
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- अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया में मेडिसिन एंड बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर पीटर कुन ने इस अध्ययन में समझाया है कि इस क्रम को समझना तब खासतौर पर आवश्यक हो जाता है जब फ्लू जैसे परस्पर रोगों का चक्र चल रहा हो जो कोविड-19 की तरह ही है।
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- प्रो. कुन के मुताबिक इस नई जानकारी के बाद अब चिकित्सक यह तय कर सकेंगे कि मरीजों की देखभाल के लिए क्या कदम उठाने की जरूरत है, वे उनकी हालत और खराब होने से बचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि मरीजों की पहचान समय रहते होने से अस्पताल में भर्ती होने का वक्त घटेगा क्योंकि अब इस रोग के उपचार के पहले के मुकाबले बेहतर तरीके हैं।
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- विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से 16 से 24 फरवरी के बीच चीन के 55 हजार से अधिक कोरोना संक्रमण के मामलों का अध्ययन किया गया है। शोधकर्ताओं ने इनमें से लक्षण वाले मामलों की दर के विश्लेषण के आधार पर स्टडी की। इसके साथ ही शोधकर्ताओं ने चाइना मेडिकल ट्रीटमेंट एक्सपर्ट ग्रुप की ओर से 11 दिसंबर, 2019 से लेकर 29 जनवरी, 2020 के बीच एकत्रित आंकड़ों का भी विश्लेषण किया।