फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Covid-19: संक्रमण से ठीक होने के बाद भी शरीर में छिपा रह सकता है वायरस, वैज्ञानिकों ने किया चौंकाने वाला दावा

Thu, 03 Mar 2022 06:13 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 03 Mar 2022 06:13 PM IST
विज्ञापन
SARS-CoV-2 virus hidden away from the immune system in different parts of the body study says
कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को लेकर अलर्ट - फोटो : Pixabay

भारत सहित दुनियाभर में फिलहाल कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट की रफ्तार थमती नजर आ रही है। कोरोना के कम होते रोजाना के मामले सुकून देने वाले हैं, पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, खतरा अभी टला नहीं है इसलिए इस समय बचाव के उपायों को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं की जानी चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, नए वैरिएंट्स के उभरने के साथ, कोरोनावायरस ने अपने मूल रूप से आकार को काफी बदल दिया है। अब यह मानव अंगों पर अलग तरह से हमला करता है। डेल्टा जैसे वैरिएंट से संक्रमण की स्थिति में लोगों को कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा था।



कोरोना के खतरे को लेकर अध्ययनकर्ताओं की एक टीम ने बड़ा दावा किया है। वैज्ञानिक बताते हैं कि लोगों को एक साथ कोरोना के कई वैरिएंट्स से संक्रमण हो सकता है, इतना ही नहीं कुछ वैरिएंट्स प्रतिरक्षा प्रणाली से बचकर शरीर के अलग-अलग हिस्सों में छिपे भी रह सकते हैं। इससे संक्रमितों को पूरी तरह से कोविड-19 से छुटकारा पाना भी मुश्किल हो सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार संक्रमण की रिपोर्ट निगेटिव आ जाने का मतलब यह नहीं है कि आप ठीक हो गए हैं, अगर वायरस शरीर में छिपा रहता है तो इससे बाद में फिर दिक्कत बढ़ने का जोखिम हो सकता है।

SARS-CoV-2 virus hidden away from the immune system in different parts of the body study says
शरीर में छिपा रह सकता है कोरोना वायरस - फोटो : Pixabay

शरीर में छिपा रह सकता है कोरोना का वायरस
नेचर कम्युनिकेशंस जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ता बताते हैं कि शरीर के अलग-अलग कोशिकाओं में कोरोना का वायरस लंबे समय तक जिंदा रह सकता है। इंग्लैंड के ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर इमरे बर्जर कहते हैं, ओमिक्रॉन और ओमाइक्रोन 2 (सबवेरिएंट BA.2) जैसे वैरिएंट्स कोरोना के मूल वैरिएंट से काफी अलग हैं। वायरस लगातार अपने रूप में बदलाव भी कर रहा है। हमे इससे बचाव की आवश्यकता है, क्योंकि अध्ययनों में मिल रहे संकेत चिंता बढ़ाने वाले हैं। 

SARS-CoV-2 virus hidden away from the immune system in different parts of the body study says
कोरोना के नए वैरिएंट्स को लेकर अध्ययन - फोटो : Pixabay

अध्ययन में क्या पता चला?
वायरस की प्रकृति के बारे में समझने के लिए शोधकर्ताओं की टीम ने टेस्ट ट्यूब में सिंथेटिक सार्स-सीओवी-2 वायरस बनाए जो बिल्कुल कोरोना वायरस की तरह थे। ये मानव कोशिकाओं में बढ़ नहीं सकते थे। इन कृत्रिम विषाणुओं का उपयोग करके, शोधकर्ताओं ने अध्ययन में पाया कि फैटी एसिड के बाइंडिंग पर, वायरस के स्पाइक प्रोटीन के आकार में बदलाव आ गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि यह स्विचिंग की प्रकृति वायरस को प्रतिरक्षा प्रणाली से छिपने में मदद कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
SARS-CoV-2 virus hidden away from the immune system in different parts of the body study says
एक साथ कई वैरिएंट्स से संक्रमण का खतरा - फोटो : istock

एक से अधिक वैरिएंट्स से संक्रमण
अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि वायरस के शरीर में छिपे रहने के अलावा एक और चिंताजनक बात सामने आई है। कई लोगों को एक ही समय में अलग-अलग वैरिएंट्स से संक्रमित देखा जा रहा है। शरीर के विभिन्न अंगों को वायरस कैसे प्रभावित कर सकते हैं, इस बारे में शोधकर्ता  कपिल गुप्ता बताते हैं, कोरोना के कुछ वैरिएंट्स किडनी या स्पलीन में छिपे रह सकते हैं।  इससे संक्रमित रोगियों के लिए वायरस से पूरी तरह छुटकारा पाना मुश्किल हो सकता है। 

विज्ञापन
SARS-CoV-2 virus hidden away from the immune system in different parts of the body study says
म्यूटेसन के कारण खतरनाक होता जा रहा है वायरस - फोटो : iStock

क्या है अध्ययन का निष्कर्ष?
अध्ययन के निष्कर्ष में वैज्ञानिक बताते हैं, समय के साथ वायरस में होने वाला म्यूटेशन इसे और भी खतरनाक बनाता जा रहा है। प्रतिरक्षा प्रणाली से छिपते हुए वायरस का शरीर के अंगों में मौजूद रहना और लोगों में एक साथ एक या अधिक वैरिएंट्स से संक्रमण का पता चलना काफी चिंताजनक है। ओमिक्रॉन वैरिएंट् को भले ही हल्के लक्षणों वाला बताया जा रहा है, पर इसमें भी इससे मिलती जुलती प्रकृति देखी गई है। कोरोना के खतरे से बचे रहने के लिए सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। 


----------------
स्रोत और संदर्भ
SARS-CoV-2-infected individuals could have different variants hidden in different parts of the body

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed