देश के उद्योग जगत की महान शख्सियत रटन टाटा का बुधवार (9 अक्तूबर) को निधन हो गया, वह 86 साल के थे। टाटा संस की तरफ से जारी बयान के मुताबिक रतन टाटा ने बुधवार रात करीब 11:30 बजे मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वह ब्लड प्रेशर में गिरावट के कारण होने वाली जटिलताओं से पीड़ित थे। इससे पहले सोमवार की भी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, हालांकि सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से टीम ने बताया गया था कि वह ठीक हैं और नियमित जांच के लिए अस्पताल गए थे।
Ratan Tata: इस बीमारी से पीड़ित थे रतन टाटा; आप भी न हो जाएं शिकार, बचाव के लिए करिए ये उपाय
ब्लड प्रेशर बढ़ना या कम होना, दोनों खतरनाक
ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) का बढ़ना और कम होना दोनों ही कई प्रकार की स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन सकती है। ब्लड प्रेशर का अक्सर बढ़ा रहना हृदय रोगों के लिए जोखिम कारक माना जाता है। इसके अलावा इससे किडनी, आंखों को भी गंभीर क्षति होने का जोखिम रहता है। इसी तरह से ब्लड प्रेशर लो होना भी सेहत के लिए ठीक नहीं है। ब्लड प्रेशर कम होने से भी हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर होता है। इसके अलावा ये स्थिति भ्रम, ध्यान केंद्रित करने में समस्या और बेहोशी भी कारण बन सकती है।
लो ब्लड प्रेशर के बारे में जानिए
ब्लड प्रेशर लो होना या हाइपोटेंशन की स्थिति गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। ब्लड प्रेशर की रीडिंग 90/60 mm Hg से कम बने रहने को लो ब्लड प्रेशर माना जाता है। हाइपोटेंशन किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि यह किस कारण से हुआ है। अध्ययनों में पाया गया है कि शारीरिक रूप से कम सक्रिय लोगों में ब्लड प्रेशर लो होने का खतरा अधिक देखा जाता रहा है। कुछ अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याएं भी इसका कारण हो सकती हैं।
कैसे जानें लो हो गया है ब्लड प्रेशर?
ब्लड प्रेशर लो होने की स्थिति में कई तरह की स्वास्थ्य जटिलताएं हो सकती हैं। इसके कारण चक्कर आने, कमजोरी जैसी दिक्कतें सबसे ज्यादा होती हैं। ब्लड प्रेशर अक्सर लो रहने के कारण मतली या उल्टी, धुंधली दृष्टि, सांस की गति में बदलाव, भ्रम या ध्यान केंद्रित करने में परेशानी जैसी समस्याएं होती रहती हैं।
लो ब्लड प्रेशर के कारण आपका हृदय तेजी से या अधिक जोर से पंप करने लगता है जिससे हृदय की समस्याएं बढ़ सकती हैं। यह हृदय में स्थायी क्षति और यहां तक कि हार्ट फेलियर का कारण भी बन सकती है।
कैसे करें इस समस्या से बचाव?
हाइपोटेंशन के जोखिम को कम करना या रोकना आमतौर पर संभव नहीं है। मादक पदार्थ जैसे शराब, धूम्रपान आदि से दूरी बनाकर इस समस्या से बचाव किया जा सकता है। लो सोडियम के कारण भी आपको ये दिक्कत हो सकती है। कई बार लंबे समय तक भूखे रहने से भी ब्लड प्रेशर कम होने का खतरा रहता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करते रहना चाहिए। अगर ये अक्सर बढ़ा या कम होता रहता है तो डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें। ब्लड प्रेशर बहुत कम है तो नमक पानी का सेवन करने से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। हालांकि अगर इसमें आराम न मिले तो तुरंत किसी नजदीकी चिकित्सक के पास जरूर जाएं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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