देशभर में रमजान का पाक महीना मंगलवार (12 मार्च) से शुरू हो रहा है। यह महीना सभी मुसलमानों के लिए काफी खास होता है, इसमें उपवास (रोजा) रखने से बरकत मिलती है, दुआएं कुबूल होती हैं। वयस्कों से लेकर बुजुर्ग तक लगभग सभी रोजा रखते हैं। उपवास को अध्ययनों में सेहत के लिए कई प्रकार से लाभकारी बताया जाता रहा है, ऐसे में रोजा रखने से भी स्वास्थ्य को कई फायदे हो सकते हैं।
Ramadan 2024: शुरू हो रहा है रमजान का महीना, अच्छी सेहत के लिए डॉक्टर्स के इन सुझावों पर गंभीरता से दें ध्यान
क्या है डॉक्टर्स की सलाह?
डॉक्टर्स कहते हैं, कुछ प्रकार की बीमारियों के शिकार, विशेषतौर पर जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है, उन लोगों को रमजान के महीने में रोजा रखने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ज्यादा देर तक खाली पेट होने से इंसुलिन से संबंधित समस्या और ब्लड शुगर बढ़ने की दिक्कतें हो सकती हैं। इसके अलावा दवाइयों में गैप होने से स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।
इसी तरह से हार्ट और ब्लड प्रेशर के शिकार लोगों को भी रमजान के दौरान सेहत को लेकर सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। जिन लोगों की दवा चल रही है उन्हें उपवास करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।
यदि आप स्वस्थ है तो भी रोजा के दौरान सेहत को ठीक रखने के लिए कुछ बातों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
डिहाइड्रेशन से बचना जरूरी
रमजान के दौरान आप ज्यादातर समय बिना पानी पिए रहते हैं, ऐसे में सबसे ज्यादा जोखिम डिहाइड्रेशन का होता है। निर्जलीकरण की समस्या सेहत के लिए कई प्रकार के दुष्प्रभावों वाली हो सकती है, इससे ब्लड प्रेशर लो होने, थकान, चक्कर आने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए रोजेदारों को खान-पान में उन चीजों को अधिक से अधिक शामिल करना चाहिए जिससे डिहाइड्रेशन से बचा जा सके।
रोजा शुरू करने और पूरा करते समय खूब पानी पिएं। पूरे दिन शरीर में पानी कम न होने पाए इसके लिए तरबूज, खीरे और सूप जैसे हाइड्रेटिंग खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
आहार की पौष्टिकता का ध्यान रखें
रोजा के दौरान ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित भोजन का विकल्प चुनें, जिसमें कार्बोहाइड्रेट, लीन प्रोटीन, स्वस्थ वसा और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल हों। पाचन संबंधी समस्याओं से बचने के लिए इफ्तार के दौरान तले हुए या मीठे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करने से बचें। आहार में फाइबर वाली चीजों को जरूर शामिल करें।
हर दिन रोजा की शुरुआत पौष्टिक आहार से करें जिसमें पूरे दिन निरंतर ऊर्जा प्रदान करने के लिए साबुत अनाज, अंडे और दही जैसे धीमी गति से पचने वाले खाद्य पदार्थ शामिल हों। अत्यधिक कैफीन और नमकीन खाद्य पदार्थों से बचें, इससे निर्जलीकरण होने का खतरा रहता है।
शरीर की सुनें, इसे न करें अनदेखा
रोजा के दौरान यदि आपको चक्कर आने, कमजोरी या अत्यधिक प्यास जैसे लक्षणों का अनुभव होता है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। सबसे आवश्यक है कि आप अपने शरीर की जरूरतों को सुनें और उसपर गंभीरता से ध्यान दें। यदि आपको कई दिनों तक इस तरह की समस्या बनी रहती है तो समय रहते डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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