देश में कोरोना संक्रमण के मामलों और मृत्युदर में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव जारी है। कई देशों में एक बार फिर से कोरोना के मामलों में आया उछाल लोगों की चिंता का बढ़ाने वाला है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि जिन लोगों ने वैक्सीन की दोनों डोज ले ली हैं, उनमें कोरोना के गंभीर संक्रमण और इसके कारण होने वाली जटिलताओं का जोखिम कम होता है। कोरोना के केस में उछाल के साथ कुछ लोगों में पोस्ट कोविड की जटिलताएं अभी भी बनी हुई देखी जा रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके कुछ लोगों में कुछ महीनों तक पोस्ट कोविड के लक्षण बने रह सकते हैं, हालांकि अगर यह लंबे समय तक रहते हैं, तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह लेना बहुत आवश्यक हो जाता है।
अध्ययन: पोस्ट कोविड के हो सकते हैं 200 से अधिक प्रकार के लक्षण, कहीं आपको भी तो नहीं है ऐसी दिक्कत?
किन्हें होता है पोस्ट कोविड का ज्यादा खतरा?
अमर उजाला से बातचीत में डॉ विक्रमजीत सिंह (डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनेल मेडिसिन) बताते हैं, कोरोना की दूसरी लहर ने संक्रमितों के कई अंगों को गंभीर रूप से प्रभावित किया। यही कारण है कि रिकवरी के बाद भी लंबे समय, यहां तक कि कुछ लोगों में छह महीने से एक साल तक भी, कुछ लक्षण बने रह सकते हैं।
पोस्ट कोविड की समस्याओं का सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों में देखा जा रहा है जिन्हें कोरोना के इलाज के दौरान गंभीर संक्रमण के चलते आईसीयू में भर्ती होना पड़ा था। इसके अलावा कमजोर इम्यूनिटी और कोमारबिडिटी वाले लोगों में भी कुछ लक्षण लंबे समय तक बने रह सकते हैं।
पोस्ट कोविड के हो सकते हैं 200 से अधिक लक्षण
थकान, कमजोरी और कुछ लोगों को सीने में दर्द जैसे पोस्ट कोविड के लक्षणों के बारे में आपने भी सुना होगा। वहीं लैंसेट जर्नल ईक्लिनिकल मेडिसिन प्रकाशित एक अध्ययन में वैज्ञानिकों का कहना है कि पोस्ट कोविड के एक-दो नहीं 200 से अधिक प्रकार के लक्षण हो सकते हैं। शोधकर्ताओं ने बताया कि पोस्ट कोविड के कारण कुछ लोगों में सुनाई न देने, त्वचा में खुजली, मासिक धर्म चक्र में बदलाव, यौन समस्या, सीने में दर्द, याददाश्त की कमजोरी और साफ दिखाई न देने जैसे लक्षण भी देखे जा रहे हैं। यह लक्षण लंबे समय तक रह सकते हैं, ऐसे में इसका समय पर निदान और इलाज आवश्यक होता है।
ऐसे लक्षणों पर भी ध्यान दें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना से ठीक होने के बाद लोगों में छह महीने से अधिक समय तक खांसी, तनाव और नींद की समस्याएं देखने को मिल रही हैं। डॉक्टरों के मुताबिक रिकवरी के बाद कुछ हफ्तों तक पोस्ट कोविड के लक्षण बने रहना सामान्य है, हालांकि यदि यह 6 महीने से आपको परेशान कर रहे हैं, तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। इन लक्षणों को नजरअंदाज करना गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
कोविड से ठीक हो चुके लोग इन बातों का ध्यान रखें
डॉ विक्रमजीत सिंह बताते हैं, कोविड से ठीक हो चुके लोगों को 90 दिनों बाद टीकाकरण अवश्य करा लेना चाहिए, इससे भविष्य में कोरोना के गंभीर संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करते रहना सभी के लिए आवश्यक है। हमेशा इस बात को ध्यान में रखें कि वायरस अब भी हमारे आसपास मौजूद है, इससे बचाव जरूरी है। इसके अलावा यदि आपमें रिकवरी के 3-6 महीने बाद तक भी कुछ लक्षण बने रहते हैं तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
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