एक्ट्रेस और मॉडल पूनम पांडे के निधन की खबर शुक्रवार को उन्हीं के इंस्टाग्राम हैंडल से पोस्ट हुई हालांकि 24 घंटे बाद वे खुद सामने आईं और खुलासा किया कि यह उनका पब्लिसिटी स्टंट था। सर्वाइकल कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए उन्होंने ऐसा किया।
Poonam Pandey: मॉडल पूनम पांडे की सर्वाइकल कैंसर से 'मौत' की अफवाह, जानिए इस कैंसर के बारे में विस्तार से
सर्वाइकल कैंसर के बारे में जानिए
सर्वाइकल कैंसर, सर्विक्स में होने वाला गंभीर प्रकार का कैंसर माना जाता है। सर्विक्स गर्भाशय का सबसे निचला भाग होता है, जो योनि से जुड़ता है। सर्वाइकल कैंसर के अधिकतर मामले ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) के संक्रमण के कारण होते हैं। एचपीवी एक आम वायरस है, जो संभोग के दौरान एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। यौन रूप से सक्रिय कम से कम आधे लोगों को अपने जीवन में कभी न कभी एचपीवी संक्रमण हो सकता है हालांकि हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता इस संक्रमण को कम कर देती है।
सर्वाइकल कैंसर के लक्षणों के बारे में जानिए
रिपोर्ट्स से पता चलता है कि 35 से 44 वर्ष की आयु के लोगों में सर्वाइकल कैंसर का सबसे अधिक निदान होता है। हालांकि स्क्रीनिंग और एचपीवी वैक्सीन के कारण इस दर में गिरावट आ रही है। सभी लोगों को इसके लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देते रहने की सलाह दी जाती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती चरणों में लक्षण बहुत स्पष्ट नहीं होते हैं, यही कारण है कि अधिकतर महिलाओं को इसके गंभीर चरणों तक कैंसर का पता ही नहीं चल पाता है। हालांकि कुछ लक्षणों पर ध्यान देते रहना सभी के लिए जरूरी माना जाता है।
- मासिक धर्म के बीच में, सेक्स के बाद असामान्य रक्तस्राव।
- योनि से स्राव जो सामान्य से अलग दिखता या गंध देता है।
- पेल्विक हिस्से में अक्सर दर्द बने रहना।
- बार-बार पेशाब करने की आवश्यकता और पेशाब के दौरान दर्द होना।
यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देता है, तो जांच के लिए अपने डॉक्टर से मिलें।
सर्वाइकल कैंसर का इन लोगों में खतरा अधिक
कई प्रकार के जोखिम कारक आपमें सर्वाइकल कैंसर का खतरा बढ़ाने वाले हो सकते हैं, इनपर सभी लोगों को गंभीरता से ध्यान देते रहने और बचाव की आवश्यकता होती है। एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा खतरा है। कुछ अन्य कारक भी आपके जोखिमों को बढ़ा सकते हैं।
- धूम्रपान-मोटापा
- सर्वाइकल कैंसर की फैमिली हिस्ट्री
- फलों और सब्जियों में कम सेवन
- गर्भनिरोधक गोलियां लेना
- 17 वर्ष से कम उम्र में गर्भवती होना।
भले ही आपमें इनमें से एक या अधिक कारक हों, फिर भी आपको सर्वाइकल कैंसर होना तय नहीं है। इसकी स्क्रीनिंग के लिए डॉक्टर से मिलना और सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
एचपीवी वैक्सीनेशन है बचाव का तरीका
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीनेशन को सबसे कारगर तरीका माना जाता है। बजट 2024-25 में वित्तमंत्री ने देश में वैक्सीनेशन की दर को बढ़ाने का ऐलान किया है, जिससे अधिक से अधिक लोगों को इस घातक प्रकार के कैंसर से सुरक्षित रखा जा सके। अध्ययनकर्ताओं ने बताया, एचपीवी वैक्सीनेशन सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते जोखिमों को कम करने में मददगार हो सकती है। टीके 90% से अधिक एचपीवी संक्रमण और कैंसर को कम करने में मददगार पाए गए हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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