मीनल पाठक
कोरोना महामारी ने लोगों को लंबे समय तक घरों में बंद रहने पर मजबूर कर दिया है। संक्रमण के डर से घर से बाहर न निकल पाने, दोस्तों-रिस्तेदारों से न मिलने और काफी समय से एक ही स्थान पर रहने का असर, लोगों को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से प्रभावित कर रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लॉकडाउन जैसे हालात में सभी लोगों के लिए अपने शारीरिक और मानसिक सेहत पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है। घर पर ही व्यायाम के माध्यम से आपको इन दोनों स्थितियों को सुधारने में लाभ मिल सकता है।
अमर उजाला फाउंडेशन की पहल के माध्यम से कोरोना महामारी को लेकर रविवार को हुई चर्चा में हमने विशेषज्ञ से महिला और पुरुष दोनों के लिए व्यायाम और उन्हें सेहत का ख्याल कैसे रखना चाहिए, इस बारे में जानने की कोशिश की। इस दौरान जुंबा और फिटनेस ट्रेनर मीनल पाठक ने सभी सवालों के जवाब दिए।
अमर उजाला फाउंडेशन की पहल: जानिए लॉकडाउन में कैसे रखें शारीरिक और मानसिक फिटनेस का ख्याल?
- व्यायाम से मिलती है शारिरिक, मानसिक और भावनात्मक शक्ति
- इम्यूनिटी को मजबूती देने में सहायक हैं व्यायाम
शरीर को रखें गतिशील
मीनल बताती हैं कि महामारी के इस दौर में लोगों को वर्क फ्रॉम होम के चलते लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहना होता है। शरीर में ज्यादा देर तक कोई मूवमेंट न होने के चलते लिम्फोटिक फ्लूइड का प्रसार नहीं हो पाता है। इसके चलते इम्यूनिटी भी प्रभावित हो सकती है। इसीलिए शरीर को गतिशील रखने और रक्त संचार को बढ़ावा देने वाले कार्य करने पर जोर दिया जाता है। लिम्फोटिक फ्लूइड का मूवमेंट अच्छा रहने से शरीर को विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में आसानी होती है। इसलिए घर से काम करते समय भी शरीर को गतिशील रखना बेहद जरूरी है।
शरीर की मुद्रा सही रहना जरूरी
फिटनेस ट्रेनर मीनल बताती हैं आमतौर लंबे समय तक बैठकर काम करते समय लोगों का शारीरिक पॉस्चर काफी बिगड़ जाता है। जैसे कंधों को झुका कर या सामने की ओर झुक कर बैठने से शरीर के कई अंग एक दूसरे के ऊपर आ जाते हैं। ऐसी स्थिती में कई सारे अंगों का
कार्य प्रभावित हो सकता है क्योकिं उन्हें पूरा स्थान नहीं मिल पाता है। इन सभी समस्याओं से बचने के लिए हमेशा एकदम सीधे होकर बैठना चाहिए। रीढ़ की हड्डी सीधी होने से छाती खुली रहती है जिससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन भी मिलता रहता है।
फिटनेस ट्रेनर मीनल बताती हैं कि शरीर में ज्यादा देर कोई गतिशीलता न होने का असर मूड को भी प्रभावित करता है। व्यायाम आपको शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ मानसिक और भावनात्मक मजबूती भी देते हैं। घर से काम करते समय थोड़ी-थोड़ी देर पर उठकर हल्के-फुल्के अभ्यास जरूर करें, इससे पहले तो शरीर सक्रिय स्थिति में आएगा और दूसरा ऐसा करके आप खुद को तनाव और काम के थकान से भी बचा सकते हैं।
फिटनेस ट्रेनर मीनल बताती हैं कि मौजूदा समय में देखा जा रहा है कि घर पर होने के कारण लोगों के रात का भोजन काफी देर में होता है। रात में देर से खाना खाने के कई तरह के नुकसान (जैसे सही से पाचन न होना, गैस-पेट फूलने की समस्या) हो सकते हैं। रात का खाना 9 बजे तक खा लेना चाहिए। खाना खाने के बाद 10 मिनट तक घर में ही वॉक कर लें। इन छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर आप लॉकडाउन में भी स्वस्थ और फिट रह सकते हैं।
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नोट: यह लेख जुंबा और फिटनेस ट्रेनर मीनल पाठक से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। मीनल कई वर्षों से फिटनेस ट्रेनिंग दे रही हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।