फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Study: पीसीओएस की समस्या बढ़ा सकती है आत्महत्या के विचारों का जोखिम, करीब 13 फीसदी महिलाएं इसकी शिकार

Thu, 15 Feb 2024 03:36 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 15 Feb 2024 03:36 PM IST
विज्ञापन
PCOS and Suicide Connection study know polycystic ovary syndrome health complications in hindi
पीसीओएस के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : istock

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) महिलाओं में होने वाली आम समस्याओं में से एक है। इस स्वास्थ्य विकार के कारण  अंडाशय असामान्य मात्रा में एण्ड्रोजन हार्मोन का उत्पादन शुरू कर देता है। एण्ड्रोजन, मुख्यरूप से पुरुषों में सेक्स हार्मोन माना जाता है, आमतौर पर महिलाओं में ये कम मात्रा में मौजूद होता है।



पीसीओएस के कारण शरीर में इसकी बढ़ी हुई इसकी मात्रा कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी महिलाओं को पीसीओएस के लक्षणों की पहचान करके इसका समय रहते उपचार कराने की सलाह देते हैं।

पीसीओएस की स्थिति कई प्रकार से समस्याकारक हो सकती है, पर एक हालिया शोध में विशेषज्ञों ने इसके मानसिक स्वास्थ्य पर होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों, यहां तक आत्मघाती विचारों को बढ़ाने वाला भी पाया है। यानी कि पीसीओएस की शिकार महिलाओं में आत्महत्या के मामले बढ़ने को लेकर अलर्ट किया गया है।

PCOS and Suicide Connection study know polycystic ovary syndrome health complications in hindi
मानसिक विकारों की समस्या - फोटो : istock

 पीसीओएस के कारण होने वाली समस्या

ताइवान के शोधकर्ताओं ने हालिया अध्ययन में अलर्ट किया है कि पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में आत्महत्या का प्रयास करने की आशंका अधिक होती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस प्रकार के जोखिमों को देखते हुए ऐसी महिलाओं को शारीरिक सेहत के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीरता से ध्यान देते रहना और समस्या महसूस होने पर समय रहते मनोचिकित्सकों से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।

पीसीओएस के कारण होने वाले कई शारीरिक परिवर्तन, मानसिक सेहत को नकारात्मक तौर पर प्रभावित करते हुए पाए गए हैं।

PCOS and Suicide Connection study know polycystic ovary syndrome health complications in hindi
पीसीओएस के नकारात्मक असर - फोटो : istock

अध्ययन में क्या पता चला?

यूनाइटेड किंगडम में साल 2022 में किए गए एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि जिन महिलाओं में पीसीओएस का निदान हुआ उनमें समय के साथ आत्मघाती विचार आने, खुद को क्षति पहुंचाने, चिंतन और विचलित भावना की समस्या अधिक देखी गई।

इसी प्रकार से साल 2016 के स्वीडिश अध्ययन से पता चला है कि पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में, अन्य महिलाओं की तुलना में आत्महत्या का प्रयास करने की आशंका 40% अधिक थी। शोधकर्ताओं ने बताया कि पीसीओएस, चिंता और अवसाद के खतरे को बढ़ाने वाली समस्या है, जो सेल्फ-हार्म की भावना को बढ़ाती देखी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
PCOS and Suicide Connection study know polycystic ovary syndrome health complications in hindi
पीसीओएस के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : istock

पीसीओएस और इसके कारण होने वाली दिक्कतें

पीसीओएस, दुनियाभर में प्रजनन आयु की 8 से 13 प्रतिशत महिलाओं में होने वाली समस्या है। इसे इनफर्टिलिटी का भी प्रमुख कारण माना जाता है। इस रोग की शिकार महिलाओं में मुंहासे होने, चेहरे या शरीर पर अतिरिक्त बाल आने, मोटापा, मासिक धर्म में समस्या होने का खतरा हो सकता है।

यह किस प्रकार से मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है इस बार में समझने के लिए अमर उजाला ने वरिष्ठ मनोचिकित्सक और सुसाइड प्रिवेंशन को लेकर काम करने वाले डॉक्टर सत्यकांत त्रिवेदी से बात की। डॉ सत्यकांत बताते हैं, आत्महत्या की कोशिश करने वाली 50-60 फीसदी महिलाओं की मेडिकल हिस्ट्री में उनमें पीसीओएस की दिक्कतों के बारे में पता चलता है। 

विज्ञापन
PCOS and Suicide Connection study know polycystic ovary syndrome health complications in hindi
मानसिक स्वास्थ्य पर दें ध्यान - फोटो : istock

क्या कहते हैं मनोचिकित्सक?

मनोचिकित्सक डॉ सत्यकांत त्रिवेदी बताते हैं, पीसीओएस के कारण होने वाली समस्याएं जैसे चेहरे पर अनचाहे बाल, बार-बार मुंहासे होना और मासिक धर्म की समस्याओं के साथ हार्मोनल असंतुलन की दिक्कत स्ट्रेस का प्रमुख कारण हो सकती है। तनाव की अनियंत्रित स्थिति अवसाद और आत्मघाती विचारों के जोखिम को बढ़ाने वाली हो सकती है। ओपीडी में आने वाली डिप्रेशन से ग्रसित महिलाओं में पीसीओएस की समस्या देखा जाना आम है।

इन कारणों की वजह से जरूरी है कि पीसीओएस की समस्या पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए और अगर इसके लक्षण बिगड़ रहे हैं तो समय रहते चिकित्सक की सलाह लें। आमतौर पर शारीरिक स्वास्थ्य की समस्या मानी जाने वाली ये बीमारी गंभीर मनोरोगों के खतरे को भी बढ़ाने वाली हो सकती है।


--------------
स्रोत और संदर्भ
Polycystic Ovary Syndrome (PCOS) and Non-Suicidal Self-Injury (NSSI)

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed