सिंगापुर और चीन जैसे देशों में कोरोना संक्रमण के मामलों में उछाल का कारण बने कुछ नए वैरिएंट्स भारत के लिए भी चुनौतियां बढ़ा रहे हैं। हाल ही में देश में ओमिक्रॉन फैमिली के ही BA.5.1.7 और BF.7 जैसे वैरिएंट के कारण संक्रमण को बढ़ते हुए देखा गया है। इन्हीं वैरिएंट्स को पिछले महीने चीन में लॉकडाउन जैसी हालात बनाने के लिए प्रमुख रूप से जिम्मेदार माना जा रहा था। इन वैरिएंट्स के अलावा ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट XBB भी देश में बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। अध्ययनकर्ताओं ने प्रारंभिक शोध में पाया कि XBB वैरिएंट, ओमिक्रॉन के दो अन्य वैरिएंट्स BA.2.75 और BA.2.10 के बीच पुनः संयोजन से उत्पन्न हुआ है।
Covid XBB: वैरिएंट की संक्रामकता को लेकर कोविड टास्क फोर्स का बड़ा दावा, जानिए किस तरह के हैं इसके लक्षण?
XBB के खतरे को लेकर विशेषज्ञ चिंतित
गौरतलब है कि त्योहारी सीजन के दौरान इस सब-वैरिएंट को विशेष चिंताकारक माना जा रहा है, वैज्ञानिकों को डर था कि इसके कारण तेजी से संक्रमण का प्रसार हो सकता है। इसको लेकर हाल ही में हुई बैठक में स्टेट कोविड टास्क फोर्स ने चिंता जताई थी कि हृदय रोग, मधुमेह जैसी कोमारबिडीटी के शिकार लोगों में इस वैरिएंट के संक्रमण के कारण गंभीर रोग का खतरा हो सकता है।
विशेषज्ञों ने इससे संक्रमितों में लॉन्ग कोविड के जोखिमों को लेकर भी चिंता जताई थी। शोध में पाया गया है कि यह सब-वैरिएंट आसानी से शरीर में बनी प्रतिरक्षा को चकमा देकर लोगों में संक्रमण का कारण बन सकता है।
ज्यादातर रोगी आसानी से हो रहे हैं ठीक
महाराष्ट्र कोविड टास्क फोर्स द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक इस सब-वैरिएंट के कारण जिन 36 लोगों को संक्रमित पाया गया था उनमें से केवल 19 में ही इसके लक्षण नजर आ रहे थे, जबकि बाकी संक्रमित एसिम्टोमैटिक थे। 32 मरीज होम आइसोलेशन में ठीक हो गए जबकि चार को एहतियात के तौर पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। किसी भी संक्रमित में गंभीर रोग या सांस की तकलीफ जैसी दिक्कत नहीं देखी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ये नए वैरिएंट्स आसानी से प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देने की क्षमता रखते हैं, इसलिए इससे बचाव करते रहना सभी के लिए आवश्यक है।
XBB वैरिएंट के लक्षणों के बारे में जानिए
विशेषज्ञों ने बताया कि XBB वैरिएंट से संक्रमितों में भी पिछले वैरिएंट्स की तरह ही लक्षण देखे जा रहे हैं। संक्रमितों ने खांसी, गला खराब होने, जी मिचलाने-उल्टी, बुखार, ठंड लगने, शरीर में दर्द, थकान, और नाक बहने जैसे लक्षणों के बारे में बताया है। इस वैरिएंट से संक्रमण की स्थिति में गंभीर सांस की दिक्कत या फिर अन्य चिंताकारक समस्या नहीं देखी गई है। ज्यादातर लोग आसानी से घर पर रहकर ठीक हो जा रहे हैं, हालांकि पहले से ही प्रतिरक्षा में कमजोरी वाले रोगियों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
XBB वैरिएंट के बारे में जानिए
प्रारंभिक शोध में पाया कि XBB वैरिएंट, ओमिक्रॉन के दो सब-वैरिएंट्स BA.2.75 और BA.2.10 के बीच पुनः संयोजन से उत्पन्न हुआ है। कुछ अध्ययनों में इसे अब तक के सभी कोरोना वैरिएंट्स की तुलना में अधिक संक्रामक पाया गया है। एशिया पैसिफिक सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजी एंड इंफेक्शन के अध्यक्ष डॉ पॉल ताम्ब्याह ने एक रिपोर्ट में बताया कि एक्सबीबी वैरिएंट, कोरोना का नया रूप है, खास बात यह है कि इसे उच्च टीकाकरण दर वाले देशों में भी तेजी से उभरता देखा गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह टीकाकरण से शरीर में बनी प्रतिरक्षा को आसानी से चकमा देकर लोगों में संक्रमण का कारण बन सकता है। सभी लोगों को कोरोना के उभरते इस नए खतरे से बचाव करते रहने की आवश्यकता है।
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स्रोत और संदर्भ
Corrections regarding XBB wave in Singapore
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