Medically Reviewed By-
भारत सहित दुनियाभर में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का कहर जारी है। देश में पिछले तीन दिनों से रोजाना कोरोना के डेढ़ लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। बीते 24 घंटे में 1.68 लाख नए केस रिकॉर्ड किए गए, वहीं ओमिक्रॉन के मामले भी बढ़कर अब चार हजार से ऊपर पहुंच गए हैं। फिलहाल राहत की बात यह है कि ओमिक्रॉन के ज्यादातर संक्रमितों में हल्के लक्षण ही देखे जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ओमिक्रॉन से डरने की जरूरत नहीं है, हालांकि इसका मतलब यह भी नहीं है कि आप सावधानियां बरतनी छोड़ दें। ओमिक्रॉन कुछ स्थितियों में गंभीर संक्रमण का कारण भी बन सकता है।
डॉक्टर्स बताते हैं, वैसे तो ज्यादातर ओमिक्रॉन संक्रमित सामान्य इलाज के साथ ठीक हो जा रहे हैं, हालांकि जिन्हें पहले से ही कोमोरबिडिटी या कमजोर इम्युनिटी की शिकायत है उनमें यह संक्रमण कुछ जटिलताओं का कारण भी बन सकता है। देश में जिस तरह से संक्रमण के मामले रफ्तार पकड़ रहे हैं, ऐसे में सभी लोगों को लगातार इससे बचाव करते रहने की आवश्यकता है। यदि आप इस बीच ओमिक्रॉन से संक्रमित हो गए हैं, तो आइए डॉक्टर से जानते हैं आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं?
Omicron Variant: क्या आप भी हो गए हैं कोरोना संक्रमित? डॉक्टर से जानिए क्या करें-क्या नहीं?
ओमिक्रॉन संक्रमित हो जाएं तो घबराएं नहीं
अमर उजाला से बातचीत में इंटेंसिव केयर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ विवेक सहाय बताते हैं, कोरोना के डेल्टा वैरिएंट की तुलना में ओमिक्रॉन की संक्रामकता तो अधिक है पर इसके कारण गंभीर जटिलताओं के मामलों की आशंका कम है। ज्यादातर संक्रमितों में इसके हल्के लक्षण ही देखे जा रहे हैं, ऐसे में अगर आप संक्रमित हो भी जाएं तो घबराएं नहीं। बस कुछ बातों का ध्यान रखकर आसानी से ठीक हो सकते हैं। पर इन सबके बीच यह भी ध्यान रखने वाली बात है कि स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर ओमिक्रॉन कुछ लोगों के लिए गंभीर समस्याएं भी खड़ी कर सकता है, इसलिए इसको लेकर लापरवाही बिल्कुल भी नहीं बरतनी चाहिए।
कैसे किया जा रहा है संक्रमितों का इलाज?
डॉ विवेक सहाय बताते हैं, कुछ को छोड़कर ओमिक्रॉन के ज्यादातर संक्रमितों को डेल्टा की तरह किसी विशिष्ट उपचार की आवश्यकता नहीं पड़ रही है, यह निश्चित ही राहत की बात है। अस्पताल में भर्ती ज्यादातर रोगियों को मल्टी-विटामिन्स और पैरासिटामोल ही दिया जा रहा है। इसी से अधिकतर लोगों के लक्षण कम हो जा रहे हैं, ज्यादातर रोगी 5-7 दिनों में ठीक भी हो रहे हैं। हां जो पहले से ही गंभीर रोगों के शिकार हैं, उनपर विशेष ध्यान की आवश्यकता जरूर हो रही है।
ओमिक्रॉन संक्रमण हो जाए तो क्या करें?
डॉ विवेक कहते हैं, यदि आपमें कोरोना के किसी भी लक्षण का संदेह है तो तुरंत खुद को आइसोलेट कर लें और जांच कराएं। संक्रमण की पुष्टि होने पर डॉक्टर की सलाह पर ही किसी दवा का सेवन करें, खुद से कोई दवा न लें। संक्रमण के दौरान घर पर मास्क पहन कर रखें और खान-पान पर विशेष ध्यान दें। संक्रमण से तेज रिकवरी के लिए प्रोटीन और विटामिन सी-डी वाली चीजों का सेवन अधिक करें, खूब पानी पिएं। सबसे जरूरी बात घबराएं नहीं, ओमिक्रॉन से आसानी से मुकाबला किया जा सकता है।
संक्रमितों को क्या नहीं करना चाहिए?
डॉ विवेक बताते हैं, यदि आपमें संक्रमण की पुष्टि हो गई है तो इस बारे में छिपाएं नहीं, हाल के दिनों में जिन लोगों के संपर्क में आएं हैं उन्हें सूचित कर दें ताकि वह भी एहतियात के तौर पर अपनी जांच करा लें। चूंकि बार-बार कहा जा रहा है कि ओमिक्रॉन के लक्षण हल्के और कम गंभीर हैं पर इसका मतलब यह नहीं है कि यह समस्याओं का कारण नहीं बन सकता। सेहत को लेकर कोई भी लापरवाही न बरतें। आइसोलेशन के नियमों में कोई लापरवाही न करें, घर से बाहर न जाएं और घर के लोगों से भी दूरी बनाकर रखें। थोड़ी से सावधानी बरतकर हम यह जंग जीत सकते हैं।
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।