देशभर में जैतून के तेल का कई तरह के स्वास्थ्य लाभ के लिए वर्षों से इस्तेमाल किया जाता रहा है। जैतून का तेल कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्वों से भरपूर होता है जो स्वास्थ्य के लिए विशेष लाभदायक हो सकता है। जैतून के तेल में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (एमयूएफए) पाया जाता है जो इसे विशेष लाभदायक बनाता है। जैतून का इस्तेमाल खाना पकाने के अलावा सौंदर्य प्रसाधन, दवा, साबुन बनाने आदि में भी प्रयोग में लाया जाता रहा है।
काम की बात: सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है जैतून का तेल, इन रोगों में मिलते हैं गजब के फायदे
हृदय रोगों में बेहद फायदेमंद है जैतून का तेल
कई अध्ययनों से पता चलता है कि खाने में अन्य तेलों के मुकाबले जैतून के तेल का सेवन करने वाले लोगों को हृदय रोगों का खतरा कम होता है। साल 2018 में किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि जैतून के तेल या नट्स जैसे आहार का सेवन करने वाले लोगों में, अन्य लोगों की तुलना में हृदय रोगों का खतरा कम होता है। साल 2018 में ही अध्ययन की समीक्षा के आधार पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) और यूरोपीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण के वैज्ञानिक, हृदय संबंधी जोखिमों को कम करने के लिए प्रतिदिन लगभग 20 ग्राम या दो बड़े चम्मच की मात्रा में वर्जिन जैतून के तेल के सेवन करने की सलाह देते हैं।
मेटाबॉलिक सिंड्रोम में लाभकारी
मेटाबॉलिक सिंड्रोम, तमाम प्रकार के जोखिम कारकों वाली ऐसी स्थिति है जिसमें मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और हाई ब्लड शुगर संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। साल 2019 के मेटा-विश्लेषण के आधार पर वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला कि जैतून का तेल, शरीर में सूजन, ब्लड शुगर, ट्राइग्लिसराइड्स (रक्त में वसा) और बैड कोलेस्ट्रॉल की समस्याओं को कम करने में सहायक हो सकते हैं। इसके साथ ही यह शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाने में भी सहायक है।
चिंता और अवसाद की समस्या होती है कम
साल 2013 में किए गए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि वर्जिन ऑलिव ऑयल में पाए जाने वाले यौगिक, तंत्रिका तंत्र को सुरक्षित बनाए रखने में सहायक होते हैं। इससे अवसाद और चिंता जैसी समस्याओं का खतरा कम किया जा सकता है। एक अन्य अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि ट्रांस फैट का सेवन करने वाले लोगों की तुलना में जैतून के तेल जैसे अनसेचुरेटेड फैट का सेवन करने वालों में अवसाद होने की आशंका कम होती है।
कैंसर जैसी समस्याओं में है सहायक
कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि जैतून के तेल में मौजूद यौगिक स्तन कैंसर के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं। साल 2019 में प्रकाशित शोध के अनुसार, जैतून के तेल में ऐसे पदार्थ होते हैं जो कोलोरेक्टल कैंसर को रोकने में सहायक हो सकते हैं। लैब परीक्षणों में इस बात के प्रमाण मिले हैं कि जैतून के तेल में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट शरीर को सूजन, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और एपिजेनेटिक परिवर्तनों से बचाने में मदद कर सकते हैं।
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नोट: यह लेख तमाम अध्ययनों से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी औषधि के सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर ले लें।
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