केरल एक बार फिर से निपाह वायरस की चपेट में है। राज्य में साल 2018 से निपाह का प्रकोप देखा जा रहा है। हालिया रिपोर्ट्स में एक नया मामला सामने आया है, जिसने विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।
Nipah Outbreak: केरल में फिर सामने आया घातक निपाह संक्रमण का मामला, वेंटिलेटर पर है मरीज; जानिए अपडेट
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक गुरुवार (8 मई) को केरल में मलप्पुरम जिले के वलनचेरी की में एक 42 वर्षीय महिला में निपाह वायरस के संक्रमण की पुष्टि की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मरीज को वेंटिलेटर पर रखा गया है, उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
रोगी की हालत गंभीर
हालिया मामले को लेकर जारी रिपोर्ट में स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों से उसे तेज बुखार था, धीरे-धीर लक्षण विकसित होते गए, जिसके बाद परीक्षण में रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
सुरक्षात्मक रूप से अधिकारियों ने रोगी के संपर्क में आए लोगों में भी निपाह का टेस्ट कराया हालांकि किसी अन्य की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं है।
संपर्क में आए लोगों का टेस्ट निगेटिव
केरल सरकार ने शुक्रवार को कहा कि मलप्पुरम जिले में निपाह वायरस पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने के बाद कुछ लोगों में बुखार और अन्य लक्षण भी देखे गए थे। हालांकि परीक्षण में सभी छह लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे जिले में सख्त निवारक उपाय किए जा रहे हैं।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, संक्रमित मरीज के संपर्क में आए कुल 49 लोग निगरानी में हैं, लेकिन सभी परिणाम अब निगेटिव आए हैं। निगरानी में रखे गए 49 लोगों में से 12 करीबी पारिवारिक सदस्य हैं।
निपाह को घातक संक्रमण माना जाता रहा है, इसकी मृत्युदर भी अधिक रही है जो निश्चित ही चिंता बढ़ाने वाली है।
पिछले साल भी देखे गए थे संक्रमण के मामले
पिछले साल सितंबर में 24 वर्षीय एक युवक की निपाह संक्रमण से मौत हो गई थी। अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक नौ सिंतबर को मलप्पुरम में एक 24 वर्षीय युवक की संक्रमण से मौत हो गई थी। इससे पहले जुलाई 2024 में भी एक 14 वर्षीय लड़के की मौत हो गई थी।
गौरतलब है कि निपाह एक जूनोटिक बीमारी है जो सुअर और चमगादड़ जैसे जानवरों से मनुष्यों में फैलती है। जानवरों से इंसानों में संक्रमण के अलावा संक्रमित व्यक्ति से दूसरे लोगों को भी इसका खतरा हो सकता है। इसकी मृत्युदर 45-75 फीसदी तक मानी जाती रही है। साल 2018 से लगातार केरल राज्य इस संक्रमण की चपेट में रहा है।
राज्य में अलर्ट जारी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, निपाह कई मामलों में कोरोना से भी खतरनाक संक्रामक रोग माना जाता है। निपाह के कारण इन्सेफलाइटिस जैसी समस्याओं का जोखिम रहता है साथ ही इसका मृत्युदर भी बहुत अधिक रहा है। चमगादड़ों को निपाह वायरस संचार का प्रमुख कारण माना जाता है। चमगादड़ों द्वारा दूषित फलों या अन्य भोजन के माध्यम से ये इंसानों में फैल सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, फलों-सब्जियों को खाने से पहले उसे अच्छी तरह से साफ करें। पक्षियों द्वारा कटा हुआ फल न खाएं।
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