Breast Cancer Research Fasting: स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर है। दुनिया भर में महिलाओं में एस्ट्रोजन-आधारित ब्रेस्ट कैंसर सबसे आम प्रकार है, जिसके इलाज के लिए डॉक्टर आमतौर पर 'एंडोक्राइन थेरेपी' (जैसे टेमोक्सीफेन दवा) का उपयोग करते हैं। ये दवाएं एस्ट्रोजन को रोककर कैंसर कोशिकाओं की ग्रोथ को धीमा करती हैं।
Breast Cancer: स्तन कैंसर मरीजों के लिए व्रत रखना हो सकता है फायदेमंद, नए शोध में हुआ बड़ा खुलासा
Fasting Benefits Breast Cancer: स्तन कैंसर एक बेहद गंभीर बीमारी है, जिसके इलाज में जब दवाएं दी जाती हैं तो कई बार वो काम नहीं करती हैं। एक नए शोध में इसी से जुड़ा एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें दावा किया गया है कि व्रत रखने से मरीजों में सकारात्मक बदलाव दिख सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
कैसे काम करता है उपवास का कैंसर-रोधी प्रभाव?
उपवास का असर सीधे शरीर के हार्मोनल स्तर पर होता है। शोधकर्ताओं के अनुसार जब शरीर भूखा रहता है, तो कोर्टिसोल और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। बढ़ा हुआ कोर्टिसोल कैंसर कोशिकाओं के अंदर एक महत्त्वपूर्ण 'रिसेप्टर' को सक्रिय करता है, जिसे 'ग्लूकोकोर्टिकॉइड रिसेप्टर' कहते हैं। यह रिसेप्टर ट्यूमर की ग्रोथ को रोकने वाले जीन्स को 'ऑन' कर देता है और कैंसर बढ़ाने वाले प्रोटीन्स को ब्लॉक कर देता है।
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उपवास ने कैंसर सेल्स को बनाया संवेदनशील
इस हार्मोनल बदलाव के कारण, उपवास कैंसर कोशिकाओं की रक्षात्मक दीवार को कमजोर कर देता है। कमजोर हुई कैंसर कोशिकाएं एंडोक्राइन थेरेपी की दवाओं के प्रति फिर से संवेदनशील हो जाती हैं। यानी उपवास एक तरह से दवा के प्रभाव को पुनः सक्रिय करता है। यह कॉम्बिनेशन उपचार उन प्रतिरोधी ट्यूमर पर भी प्रभावी परिणाम दिखाता है, जिन पर केवल दवा का असर नहीं हो रहा था।
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भूखा नहीं रह सकते? दवा है विकल्प
वैज्ञानिकों ने यह भी ध्यान में रखा कि हर मरीज के लिए लंबे समय तक भूखा रहना संभव नहीं है, खासकर उपचार के दौरान। इसलिए, उन्होंने पाया कि 'डेक्सामेथासोन' नामक एक सामान्य स्टेरॉयड दवा देने पर भी शरीर में बिल्कुल वैसा ही असर होता है, जैसा उपवास करने पर होता है। यह दवा कैंसर सेल्स को उसी तरह कमजोर करती है, जिससे एंडोक्राइन थेरेपी की दवाएं फिर से असरदार हो जाती हैं।
यह नई खोज स्तन कैंसर के इलाज की दिशा में एक बड़ा मोड़ ला सकती है। अब डॉक्टर उन ब्रेस्ट कैंसर मरीजों के लिए व्यक्तिगत उपचार योजनाएं बना सकते हैं जो एंडोक्राइन थेरेपी के प्रति रेसिस्टेंट हो चुके हैं। इस विधि में या तो नियंत्रित उपवास या डेक्सामेथासोन दवा का उपयोग करके कैंसर की दवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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