Medically Reviewed by Dr. Rajesh Mundeja
डॉ राजेश मुंडेजा
जनरल फिजीशियन, उजाला सिग्नस अस्पताल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एम डी
कोरोना काल में लोग अपनी सेहत के प्रति काफी जागरूक हुए हैं और अपने खानपान पर विशेष ध्यान दे रहे हैं और साथ ही शारीरिक गतिविधियों पर भी फोकस कर रहे हैं, ताकि प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूती मिले, जिससे वायरस से लड़ने में मदद मिले। विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर आपको सेहतमंद रहना है तो शरीर के सभी अंगों पर समान रूप से ध्यान देना पड़ता है, क्योंकि अगर शरीर के दो से ज्यादा अंग काम करना बंद कर देते हैं तो यह खतरनाक हो सकता है। दरअसल, जब शरीर के दो से ज्यादा अंग काम करना बंद करते हैं तो उसे मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर कहा जाता है। इसकी वजह से काफी संख्या में लोगों की मौत हो जाती है। यह प्रतिरक्षा तंत्र के साथ-साथ कई दूसरे अंगों पर भी असर डालता है। इसलिए इसके बारे में जान लेना बहुत ही जरूरी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर को मल्टीपल ऑर्गन डिसफंक्शन सिंड्रोम भी कहा जाता है। यह मरीज के लिए जानलेवा हो सकता है। तमिलनाडू के पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि की मौत भी मल्टी ऑर्गन फेल्योर की वजह से ही हुई थी। उनके दो से ज्यादा अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।
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इस सिंड्रोम के कारण क्या हैं?
- विशेषज्ञ बताते हैं कि मल्टीपल ऑर्गन डिसफंक्शन सिंड्रोम होने का प्रमुख कारण सेप्सिस होता है। सेप्सिस एक ऐसी बीमारी है, जिसकी शुरुआत शरीर में किसी तरह के संक्रमण से होती है, जैसे- खरोंच लगना या शरीर के किसी हिस्से का कट जाना या किसी कीड़े के काट लेने से।
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मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर के लक्षण
- शरीर में सूजन आना
- ब्लड क्लॉट बनना
- ठंड महसूस होना
- मांसपेशियों में दर्द
- पेशाब न आना
- सांस लेने में दिक्कत
- त्वचा का बेजान पड़ जाना
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शरीर के किन अंगों पर होता है मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर का असर?
- मस्तिष्क
- हृदय
- फेफड़े
- किडनी
- लिवर
अगर समय रहते इस सिंड्रोम के लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो डॉक्टर से इलाज कराया जाए तो जान बचने की संभावना रहती है।
नोट: डॉक्टर राजेश मुंडेजा, सऊदी अरब, मॉरीशस, मालदीव और भारत सहित विभिन्न देशों में काम करने के साथ 25+ वर्षों के अनुभव वाले एक जाने-माने चिकित्सक हैं। इन्होंने बीकानेर के एसपी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और एमडी की डिग्री प्राप्त की है। इसके साथ इन्होंने सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय में चिकित्सा विशेषज्ञ के रूप में काम किया है और उजाला सिग्नस अस्पताल में शामिल होने से पहले आजमगढ़ उत्तर प्रदेश के महामृत्युंजय अस्पताल में निर्देशक, वरिष्ठ सलाहकार चिकित्सक और चिकित्सा विभाग के प्रमुख रहे हैं।
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