कोरोना वायरस की दूसरी लहर की शुरुआत से ही लोगों को तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वायरस की दूसरी लहर में लक्षणों में बदलाव के साथ लोगों को सांस लेने में तकलीफ और फेफड़ों में संक्रमण की समस्या हो रही है। देश अभी कोरोना से जूझ ही रहा है कि विशेषज्ञों ने एक और मुसीबत को लेकर लोगों को आगाह किया है। विशेषज्ञों ने कोरोना से ठीक हो चुके या अस्पताल में भर्ती मरीजों को म्यूकॉरमाइकोसिस नामक गंभीर बीमारी के लक्षणों के बारे में सचेत रहने को कहा है। आइए विशेषज्ञों से इस गंभीर बीमार से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं।
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विशेषज्ञ से जानें: क्या कोविड-19 से ठीक होने वाले सभी लोगों को होता है म्यूकॉरमाइकोसिस का खतरा? कैसे करें पहचान
Mon, 10 May 2021 05:16 PM IST
Abhilash Srivastava
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Mon, 10 May 2021 05:16 PM IST
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कोरोना के बाद बढ़ा इस रोग का खतरा
- फोटो : sociol media
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म्यूकोरमाइकोसिस रोग का बढ़ा डर
- फोटो : iStock
सवाल- क्या है म्यूकॉरमाइकोसिस रोग?
जवाब- विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना संक्रमण से ठीक हो रहे लोगों में म्यूकोरमाइकोसिस नामक बीमारी के लक्षण देखे जा रहे हैं। म्यूकोरमाइकोसिस एक प्रकार का गंभीर फंगल संक्रमण होता है। आमतौर पर यह बीमारी उन लोगों में ज्यादा होती है जो ऐसी दवाइयों का सेवन करते हैं जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देती हैं। इससे पर्यावरणीय रोगजनकों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है।
जवाब- विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना संक्रमण से ठीक हो रहे लोगों में म्यूकोरमाइकोसिस नामक बीमारी के लक्षण देखे जा रहे हैं। म्यूकोरमाइकोसिस एक प्रकार का गंभीर फंगल संक्रमण होता है। आमतौर पर यह बीमारी उन लोगों में ज्यादा होती है जो ऐसी दवाइयों का सेवन करते हैं जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देती हैं। इससे पर्यावरणीय रोगजनकों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है।
आंखों और नाक के आसपास दर्द और लालिमा होने पर सतर्क हो जाएं
- फोटो : istock
सवाल- इस बीमारी की पहचान कैसे करें?
जवाब- विशेषज्ञ कहते हैं कि जिन लोगों को यह दिक्कत होती है, आमतौर पर उनको बुखार, सिरदर्द, कफ, सांस लेने में कठिनाई, आंखों और नाक के आसपास दर्द और लालिमा, कुछ लोगों को उल्टी के साथ खून आने की दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा यदि आपको कोविड से ठीक होने के बाद चेहरे के एक तरफ सूजन या दर्द, दांतों या छाती में दर्द की समस्या हो रही है तो सावधान हो जाना चाहिए। ये सभी म्यूकॉरमाइकोसिस के लक्षण हो सकते हैं, इस बारे में तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
जवाब- विशेषज्ञ कहते हैं कि जिन लोगों को यह दिक्कत होती है, आमतौर पर उनको बुखार, सिरदर्द, कफ, सांस लेने में कठिनाई, आंखों और नाक के आसपास दर्द और लालिमा, कुछ लोगों को उल्टी के साथ खून आने की दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा यदि आपको कोविड से ठीक होने के बाद चेहरे के एक तरफ सूजन या दर्द, दांतों या छाती में दर्द की समस्या हो रही है तो सावधान हो जाना चाहिए। ये सभी म्यूकॉरमाइकोसिस के लक्षण हो सकते हैं, इस बारे में तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
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रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमजोरी के कारण बढ़ जाती है इस रोग का दिक्कत
- फोटो : Pixabay
सवाल- क्या कोविड से ठीक हो रहे सभी लोगों को यह दिक्कत हो रही है?
जवाब- विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसा आवश्यक नहीं है। हां, यदि कोविड के दौरान आपको लंबे समय तक आईसीयू में रहना पड़ा हो, या फिर आपको पहले से ही को-मॉरबीडाइटिस जैसे अनियंत्रित डायबिटीज, हृदय रोग या रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमजोरी की समस्या रही हो तो इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे लोगों को लक्षणों की निगरानी करते रहना चाहिए।
जवाब- विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसा आवश्यक नहीं है। हां, यदि कोविड के दौरान आपको लंबे समय तक आईसीयू में रहना पड़ा हो, या फिर आपको पहले से ही को-मॉरबीडाइटिस जैसे अनियंत्रित डायबिटीज, हृदय रोग या रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमजोरी की समस्या रही हो तो इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे लोगों को लक्षणों की निगरानी करते रहना चाहिए।
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बिना डॉक्टरी सलाह के कोई भी दवा न ले
- फोटो : amar ujala
सवाल- यदि किसी को म्यूकॉरमाइकोसिस हो जाए, तो उसे क्या करना चाहिए?
जवाब- स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि जिन लोगों में बताए गए लक्षण दिख रहे हों या फिर कोविड से ठीक होने के बाद म्यूकॉरमाइकोसिस की पुष्टि हुई हो उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ऐसे लोगों को निजी स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। वहीं जिन लोगों को डायबिटीज की दिक्कत हो उन्हें रक्त में ग्लुकोज के स्तर को नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए। डॉक्टर आपको आवश्यकतानुसार एंटीबॉयोटिक और एंटीफंगल्स दवाएं दे सकते हैं। इलाज में देरी करना घातक हो सकता है।
जवाब- स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि जिन लोगों में बताए गए लक्षण दिख रहे हों या फिर कोविड से ठीक होने के बाद म्यूकॉरमाइकोसिस की पुष्टि हुई हो उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ऐसे लोगों को निजी स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। वहीं जिन लोगों को डायबिटीज की दिक्कत हो उन्हें रक्त में ग्लुकोज के स्तर को नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए। डॉक्टर आपको आवश्यकतानुसार एंटीबॉयोटिक और एंटीफंगल्स दवाएं दे सकते हैं। इलाज में देरी करना घातक हो सकता है।