कोरोना संक्रमण के मामले सामने आते ही दुनियाभर के तमाम वैज्ञानिकों ने इससे बचाव के लिए वैक्सीन बनाने की शुरुआत कर दी थी। महज साल भर के भीतर ही वैज्ञानिकों ने कई ऐसी वैक्सीन उपलब्ध करा दीं जिसे कोरोना से बचाव में प्रभावी पाया गया। कोविड की यह वैक्सीन अनेक तरह की तकनीक पर आधारित हैं, कोई वैक्सीन वेक्टर आधारित है तो कोई एमआरअनए। कोरोना वायरस के संक्रमण से पहले, अधिकांश लोगों ने एमआरएनए टीकों के बारे में कभी नहीं सुना था। कोविड-19 के खिलाफ फाइजर-बायोएनटेक और मॉडर्ना ने एमआरएनए टीके पेश किए। हालिया अध्ययनों में वैज्ञानिकों ने पाया है कि एमआरएनए वैक्सीनेशन की यह तकनीक कोविड-19 के साथ कैंसर के रोगियों के उपचार में भी फायदेमंद साबित हो सकती है।
एक तीर-दो निशाने: कोरोना ही नहीं कैंसर में भी कारगर साबित हो सकती है एमआरएनए आधारित वैक्सीन, परीक्षण जारी
एमआरएनए वैक्सीन और कैंसर
कैंसर रोगियों के लिए तैयार की जा रही एमआरएनए वैक्सीन को लेकर कनाडा में ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ बायोकेमिकल इंजीनियरिंग में सहायक प्रोफेसर अन्ना ब्लैकनी बताते हैं, एमआरएनए वैक्सीन जिस तरह से सार्स-सीओवी-2 के खिलाफ काम करती है, उसी तरह एमआरएनए कैंसर वैक्सीन प्रतिरक्षा प्रणाली को कैंसर कोशिकाओं की सतह पर एक निश्चित प्रोटीन को पहचानने के लिए प्रशिक्षित कर सकती है।
एमआरएनए कैंसर वैक्सीन के माध्यम से प्रतिरक्षा प्रणाली को उन कोशिकाओं पर हमला करने के लिए प्रेरित किया जाएगा जो इस तरह की हानिकारक प्रोटीन का उत्पादन करती हैं।
कैंसर को पहचानने में सहायक होगी यह वैक्सीन
कैंसर दुनिया भर में मौत का एक प्रमुख कारण है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, साल 2020 में पूरी दुनिया में एक करोड़ से ज्यादा लोगों की कैंसर से मौत हो गई। लोगों में कैंसर के खतरे को कम करने के लिए इस वैक्सीन को विकसित करने पर काम किया जा रहा है। टेक्सास में ह्यूस्टन मेथोडिस्ट अस्पताल में आरएनए चिकित्सीय कार्यक्रम के चिकित्सा निदेशक जॉन कुक कहते हैं, यह वैक्सीन मूल रूप से प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रेरित करके कैंसर कोशिकाओं को पहचानने के लिए विकसित की जा रही है।
प्रीवेंटिव वैक्सीन भी विकसित की जाएंगी
प्रोफेसर जॉन कुक कहते हैं, कैंसर कोशिकाएं सामान्यतौर पर प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देने में कामयाब हो जाती हैं, इसके शरीर में तेजी से बढ़ने का यही कारण है। यह वैक्सीन प्रतिरक्षा प्रणाली को कैंसर कोशिकाओं को आसानी से पहचानने में मदद करेंगी। वैज्ञानिकों का कहना है कि कुछ लोगों में खास तरह के कैंसर के विकसित होने का खतरा काफी अधिक माना जा सकता है, ऐसे लोगों के लिए प्रीवेंटिव वैक्सीन बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि एमआरएनए तकनीक नए प्रोटीन बनाने के लिए मानव शरीर की विशाल क्षमता का उपयोग करता है। कोविड-19 के मामले में भी इसी तकनीक को आधार बनाया गया है। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि एक ही वैक्सीन से कई तरह के कैंसर को रोक पाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। सभी प्रकार के कैंसर के लक्षण और जटिलताएं अलग-अलग हो सकती हैं, ऐसे में इस बारे में भी विचार किया जा रहा है।
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स्रोत और संदर्भ:
Will there be an mRNA vaccine for cancer?
अस्वीकरण नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। संबंधित विषय के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से सलाह लें।