डायबिटीज, वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। पिछले कुछ दशकों में भारत सहित दुनिया के कई देशों में यह स्वास्थ्य समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। डॉक्टर्स कहते हैं, डायबिटीज को जड़ से ठीक नहीं किया जा सकता है, इसे नियंत्रण में रखने के लिए उपचार के तरीकों को प्रयोग में लाया जाता रहा है। डायबिटीज को कैसे कंट्रोल में रखा जा सकता है, इस बारे में अध्ययन कर रही शोधकर्ताओं की टीम ने बड़ा दावा किया है। आठ देशों में 10 लाख से अधिक लोगों पर किए गए शोध से पता चला है चाय पीना डायबिटीज को कंट्रोल में रखने का एक प्रभावी तरीका हो सकता है। विशेषकर यह टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
अध्ययन में बड़ा दावा: चाय पीने से कम हो सकता है टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम, डॉक्टर्स से जानिए यह कितना लाभकारी?
चाय से कम हो सकता है डायबिटीज का जोखिम
वार्षिक बैठक में शोधकर्ताओं की टीम ने बताया कि यह लंबे समय से ज्ञात है कि चाय में विभिन्न प्रकार के एंटीऑक्सिडेंट, एंटी-इंफ्लामेटरी और एंटीकार्सिनोजेनिक यौगिक पाए जाते हैं जोकि शरीर के लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकते हैं। अध्ययन और मेटा-विश्लेषण में चाय पीने और टाइप-2 डायबिटीज के कम जोखिम के बीच संबंध पाया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस बारे में डायबिटीज रोगियों को डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। अध्ययन के रिपोर्ट फिलहाल इस दिशा में बेहतर संकेत देते हैं।
अध्ययन में क्या पता चला?
इस अध्ययन के पहले चरण में बिना टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम वाले (औसत 42 की आयु) 5,199 वयस्कों (2583 पुरुष, 2616 महिलाओं) के डेटा का अध्ययन किया गया। साल 1997 से 2009 तक इन लोगों पर नजर रखी गई। प्रतिभागियों ने भोजन और पेय की आवृत्ति, नियमित व्यायाम, धूम्रपान और शराब के सेवन जैसे जीवनशैली के कारकों के बारे में जानकारी दी। इनमें से कुल 2,379 (46%) प्रतिभागियों बताया कि वे नियमित रूप से चाय भी पाते हैं। इस शोध के अंत में विशेषज्ञों ने पाया कि 5,199 में से 522 (10%) प्रतिभागियों में टाइप-2 डायबिटीज विकसित हो गया।
दूसरे चरण का अध्ययन
अध्ययन के विश्लेषण में शोधकर्ताओं ने पाया कि उम्र, लिंग और शारीरिक निष्क्रियता जैसे बढ़ते जोखिम कारकों के समायोजन के साथ, चाय पीने वालों में समय के साथ डायबिटीज विकसित होने का खतरा कम पाया गया। अध्ययन के अगले चरण में, शोधकर्ताओं ने सितंबर 2021 तक आठ देशों के 10,76,311 प्रतिभागियों का डेटा अध्ययन किया। इस आधार पर वैज्ञानिकों की टीम ने बताया कि विभिन्न प्रकार की चाय (ग्रीन टी, ओलोंग टी और ब्लैक टी) डायबिटीज के जोखिम को कम करने वाली हो सकती है। हालांकि बस ध्यान इस बात का रखें कि इसमें एडेड शुगर को न शामिल किया जाए।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
चीन स्थित वुहान यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के प्रमुख और अध्ययन के लेखक शियायिंग ली कहते हैं, "हमारे परिणाम रोमांचक हैं, क्योंकि इससे पता चलता है कि टाइप-2 डायबिटीज के विकास के जोखिम को कम करने के लिए दिन में तीन-चार कप चाय पीने से लाभ मिल सकता है। चाय में विशेष घटक जैसे कि पॉलीफेनोल्स, ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन शरीर में इन बायोएक्टिव यौगिकों की पर्याप्त मात्रा की आवश्यकता हो सकती है। इसका मतलब यह है कि डायबिटीज से बचाव के लिए दिन में तीन से चार कप चाय पीने की आवश्यकता हो सकती है। इसपर और विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है।