शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए सभी लोगों को वह उपाय करते रहने की सलाह दी जाती है जिससे मेटाबॉलिज्म को ठीक रखा जा सके। मेटाबॉलिज्म में होने वाली दिक्कतों के कारण डायबिटीज जैसी क्रोनिक बीमारियों का जोखिम काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है। मेटाबॉलिज्म वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हमारा शरीर, खाने-पीने की चीजों को ऊर्जा में बदलता है। इस जटिल प्रक्रिया के माध्य्म से ही शरीर को कार्य करने के लिए आवश्यक ऊर्जा प्राप्त हो पाती है। कुछ गड़बड़ आदतें मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकती हैं जिसके कारण पाचन से लेकर कई तरह की अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का खतरा हो सकता है।
Health tips: मेटाबॉलिज्म है ठीक तो शरीर रहेगा फिट, जानिए कैसे बढ़ाएं मेटाबॉलिज्म की दर, क्या हैं इसके लाभ?
मेटाबॉलिज्म दर ठीक रहने के फायदे
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आपकी मेटाबॉलिज्म दर जितनी अधिक होगी, शरीर उतना ही स्वस्थ होगा। इसका कारण यह है कि मेटाबॉलिज्म की दर ठीक होने से आपके शरीर में विषाक्त पदार्थों और वसा को आसानी से कम करने में मदद मिल सकती है। तेज मेटाबॉलिज्म के माध्यम से हमारा शरीर मल त्याग, श्वसन और पेशाब के माध्यम से विषाक्त पदार्थों से बाहर निकालता है। शरीर को स्वस्थ रखने और मेटाबॉलिज्म की दर को ठीक रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। सभी उम्र के लोगों के लिए ये बातें आवश्यक हैं।
नियमित व्यायाम बहुत आवश्यक
सभी स्वास्थ्य विशेषज्ञ नियमित व्यायाम की सलाह देते हैं। यह न सिर्फ मेटाबॉलिज्म दर को ठीक रखने में सहायक है साथ ही इस आदत से आपमें कई गंभीर बीमारियों जैसे हृदय रोग, डायबिटीज और गठिया की समस्या का खतरा भी कम हो जाता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक आप धीरे-धीरे व्यायाम की शुरुआत करें और रोजाना 20-30 मिनट के अभ्यास की आदत बनाएं। शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए सप्ताह में कम से कम 150 मिनट का व्यायाम जरूर करना चाहिए।
आहार का ध्यान रखना जरूरी
मेटाबॉलिज्म दर को ठीक बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि स्वस्थ और पौष्टिक चीजों को आहार में शामिल किया जाए। इसके लिए फलों और सब्जियों, लीन प्रोटीन, साबुत अनाज और कम वसा वाले डेयरी उत्पादों के सेवन की आदत बनाएं। इसके अलावा नमक और चीनी का सेवन कम से कम मात्रा में करें। अध्ययनों में पाया गया है कि फैट वाली चीजों के अधिक सेवन की आदत आपके मेटाबॉलिज्म दर को प्रभावित कर सकती है।
बैठें कम-अधिक खड़े रहने की बनाएं आदत
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं बैठने के दौरान मांसपेशियां शिथिल रहती हैं वहीं खड़े रहने पर मांसपेशियों की सक्रियता बनी रहती है। यदि आपकी डेस्क जॉब है, तो थोड़ी-थोड़ी देर पर आसपास घूम लें। ज्यादा देर तक खड़े रहने की आदत आपके लिए नुकसानदायक हो सकती है। इसी तरह अच्छी नींद लेना सुनिश्चित करें। नींद का समय निर्धारित करें और रोजाना उसी समय पर सोने की आदत बनाएं, ऐसा करके आप मेटाबॉलिज्म को ठीक रख सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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