शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई प्रकार के पोषक तत्वों की नियमित रूप से आवश्यकता होती है। यही कारण है सभी लोगों को पौष्टिक आहार के सेवन की सलाह दी जाती है। आहार विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर के लिए प्रोटीन, विटामिन्स की ही तरह से सही मात्रा में माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की भी जरूरत होती है- मैग्नीशियम उनमें से एक है। मांसपेशियों, तंत्रिका और हड्डियों को सेहतमंद रखने से लेकर कई प्रकार की बीमारियों के जोखिम को कम करने में भी इससे लाभ मिल सकता है।
Nutrition: मैग्नीशियम वाली चीजों से माइग्रेन में मिलता है आराम? जानिए शरीर के लिए क्यों जरूरी है ये पोषक तत्व
माइग्रेन रोगियों के मिल सकता है लाभ?
माइग्रेन एक प्रकार का सिरदर्द है, जो कई अन्य प्रकार की दिक्कतों जैसे मतली, उल्टी और प्रकाश-शोर के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ाने वाली हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों को माइग्रेन की दिक्कत है उन्हें इसके ट्रिगर प्वाइंट्स की पहचान कर उससे बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। माइग्रेन की स्थिति का अगर समय पर इलाज न किया जाए तो इससे न्यूरोलॉजिकल और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं के विकसित होने का भी जोखिम हो सकता है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि आहार में मैग्नीशियम वाली चीजों को शामिल करके माइग्रेन अटैक के खतरे को भी कम किया जा सकता है।
माइग्रेन में मिल सकता है आराम
शोधकर्ताओं का मानना है कि माइग्रेन से पीड़ित लोगों में मैग्नीशियम की कमी होने की संभावना दूसरों की तुलना में अधिक होती है। अध्ययनों से पता चलता है कि मैग्नीशियम का सप्लीमेंट लेने से माइग्रेन के सिरदर्द को रोकने में मदद मिल सकती है। इस विषय पर किए गए एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि डॉक्टर की सलाह पर अगर एक ग्राम मैग्नीशियम सप्लीमेंट लिया जाए तो आम दवा की तुलना में ये तीव्र माइग्रेन अटैक को कम करने में प्रभावी हो सकती है।
आहार में मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करने से सिरदर्द की समस्या से बचाव करने में मदद मिल सकती है।
डिप्रेशन रोगियों के लिए भी लाभप्रद
माइग्रेन की स्थिति को अगर अनुपचारित छोड़ दिया जाए तो ऐसे रोगियों में समय के साथ डिप्रेशन विकसित होने का जोखिम हो सकता है। मैग्नीशियम वाली चीजों से इसमें भी लाभ मिल सकता है। अध्ययनों की समीक्षा में पाया गया कि मैग्नीशियम वाली चीजों की आहार में मात्रा बढ़ाकर तनाव और अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को भी कम किया जा सकता है।
8-सप्ताह के एक छोटे से अध्ययन में पाया गया कि प्रतिदिन 500 मिलीग्राम मैग्नीशियम लेने वाले लोगों में अवसाद के लक्षणों में महत्वपूर्ण सुधार हुआ।
आहार से प्राप्त करें मैग्नीशियम
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को नियमित रूप से अपने आहार में मैग्नीशियम वाली चीजों की मात्रा सुनिश्चित करनी चाहिए। प्लांट बेस्ड और मांसाहार वाली कई चीजों से भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम प्राप्त किया जा सकता है। डार्क चॉकलेट, एवोकाडो, सूखे मेवे, फलियां, टोफू और साबुत अनाज के सेवन से शरीर के लिए आवश्यक मात्रा में मैग्नीशियम की पूर्ति कर सकती है।
ध्यान दें, डॉक्टर की सलाह पर ही मैग्नीशियम के सप्लीमेंट्स लिए जाने चाहिए।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।