वायु प्रदूषण सेहत के लिए बड़ा स्वास्थ्य जोखिम है, जिसका खतरा वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ता जा रहा है। कई अध्ययनों में वायु प्रदूषण के जोखिमों को लेकर अलर्ट किया जाता रहा है। शोधकर्ता बताते हैं, वायु प्रदूषण के कारण फेफड़ों से संबंधित समस्याओं के विकसित होने के अलावा इसे शरीर के लिए और भी कई प्रकार से हानिकारक पाया गया है।
Study: वायु प्रदूषण आपको बना सकता है दिव्यांग, समय से पहले मौत का भी खतरा, शोधकर्ताओं ने किया सावधान
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
ईरान में तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में नॉन कम्युनिकेबल डिजीज के प्रमुख फरशाद फरजादफर कहते हैं, दुनियाभर में तेजी से बढ़े वायु प्रदूषण और पीएम (पार्टिकुलेट मैटर) 2.5 के स्तर के कारण 1990 से 2019 तक विकलांगता के मामलों में इजाफा हुआ है। हमने वैश्विक स्तर पर इस बढ़ते हुए बोझ पर ध्यान केंद्रित किया है।
पार्टिकुलेट मैटर प्रदूषण, एक व्यापक पर्यावरणीय जोखिम कारक है जो दुनियाभर की सभी आबादी को प्रभावित करता है। फेफड़ों के साथ हृदय और मानसिक स्वास्थ्य पर इसके असर के साथ इस अध्ययन में समझा गया है कि प्रदूषण का बढ़ा स्तर लोगों में दिव्यांगता के जोखिमों को भी बढ़ाता जा रहा है।
वायु प्रदूषण के कारण समय से पहले मौत
शोधकर्ताओं ने बताया, पीएम 2.5 के बढ़ते स्तर के कारण जीवन प्रत्याशा में भी अपेक्षाकृत कमी देखी जा रही है। एज-स्टैंडर्डाइज मृत्यु दर में 36.7% की कमी के बावजूद, सभी उम्र वालों में मृत्यु के मामलों में इजाफा देखा गया है।
जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में प्रकाशित शोध में 1990 और 2019 के बीच एकत्र किए गए 204 देशों के डेटा का उपयोग करके मृत्यु और विकलांगता के लिए जोखिम कारक के रूप में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) प्रदूषण का विश्लेषण किया गया। वायु प्रदूषण लोगों में ऐसी बीमारियों का कारण बन रहा है जो समय से पहले मृत्यु के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
शरीर में जा रहे हैं खतरनाक तत्व
पीएम 2.5 प्रदूषण में हवा में तरल और ठोस पदार्थों के छोटे कण होते हैं जो सांस के माध्यम से फेफड़ों में चले जाते हैं। वाहनों के उत्सर्जन, धुआं, धूल, पराग आदि से इस प्रकार का खतरा अधिक होता है। विश्लेषण में पाया गया कि पीएम, वायु प्रदूषण के कारण होने वाली हृदय संबंधी बीमारियों में इजाफा हुआ है।
इसके अलावा, पार्टिकुलेट मैटर प्रदूषण का बढ़ता स्तर संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है, सभी लोगों को इसके जोखिमों से बचाव करते रहने की आवश्यकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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