शरीर के स्वस्थ रहने के लिए ब्लड शुगर के लेवल का सामान्य बने रहना बहुत आवश्यक माना जाता है। इसका बढ़ना या घटना, दोनों ही स्थितियां गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा देती हैं। आमतौर पर ब्लड शुगर के बढ़ने की स्थिति को ज्यादा सामान्य माना जाता है जोकि डायबिटीज का कारण बनती है, वहीं इसका कम होना आपके दिल की धड़कनों से लेकर मस्तिष्क के कार्यों तक पर बुरा असर डाल सकती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को ब्लड शुगर का स्तर सामान्य रखने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। शुगर लेवन बढ़ने को हाइपरग्लाइसीमिया जबकि इसके कम होने को हाइपोग्लाइसीमिया के रूप में जाना जाता है।
Hypoglycemia: ऐसे लक्षण लो ब्लड शुगर का माने जाते हैं संकेत, तुरंत इलाज न मिलने पर बढ़ सकती है दिक्कत
अधिक पसीना और चक्कर आना
रक्त शर्करा के स्तर में गिरावट के साथ शरीर उच्च स्तर पर एड्रेनालाईन हार्मोन का उत्पादन करने लगता है, जिसके कारण अधिक पसीना आने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा रोगी की चेतना कम होने लगती है जिसके कारण चक्कर आना काफी सामान्य है। यह लक्षण बहुत तेजी से विकसित होते हैं, ऐसे में तुरंत ब्लड शुगर की जांच कर उपयुक्त उपाय करने की आवश्यकता होती है।
दिल की धड़कन में अनियमितता
ब्लड शुगर का लेवल कम होने की स्थिति में दिल की धड़कन में अनियमितता की शिकायत देखी जा सकती है। इस वजह से बैचैनी और घबराहट जैसे अनुभव भी हो सकते हैं। यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो इसके कारण गंभीर दिक्कतों का जोखिम भी बढ़ जाता है। कुछ लोगों को हाइपोग्लाइसीमिया के कारण दौरे भी पड़ने लगते हैं। यही कारण है कि इसमें आपातकालीन चिकित्सा की जरूरत होती है।
धुंधला दिखाई देना और अन्य लक्षण
ब्लड शुगर कम होने के साथ दृश्य संबंधी गड़बड़ी या धुंधला दिखाई देने की समस्या हो सकती है। इन सभी स्थितियों को अनुपचारित छोड़ना गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। इसके अन्य लक्षणों को लेकर भी लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता होती है।
- सिरदर्द-थकान।
- चिड़चिड़ापन और चिंता बढ़ना।
- होंठ, जीभ या गाल में झुनझुनी या सुन्नता महसूस होना।
- बिस्तर से उठने तक में दिक्कत।
हाइपोग्लाइसीमिया में तुंरत क्या करें?
हाइपोग्लाइसीमिया के संभावित लक्षण नजर आते ही तुंरत शुगर लेवल की जांच करें, यदि यह 70 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर की मात्रा से कम है तो रोगी को तुरंत 15-20 ग्राम फास्ट-एक्टिंग कार्बोहाइड्रेट दें। ग्लूकोज की गोलियां या जेली, फलों का रस, शहद या मिश्री देने से शुगर बढ़ सकता है। इस प्रारंभिक उपचार के उपायों के साथ तुरंत रोगी को डॉक्टर के पास ले जाएं। हाइपोग्लाइसीमिया की समस्या से बचे रहने के लिए डायबिटीज रोगियों को नियमित रूप से शुगर के स्तर की जांच करके लेवल की रीडिंग करते रहना चाहिए।
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।