कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट अब तक दुनिया के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल ही में बताया कि करीब 171 देशों में ओमिक्रॉन संक्रमण के मामले रिपोर्ट किए जा चुके हैं, देखते ही देखते यह वैरिएंट सबसे खतरनाक माने जाने वाले डेल्टा को भी रिप्लेस करता जा रहा है। भारत के संदर्भ में बात करें तो यहां पिछले कुछ दिनों से रोजाना संक्रमण के मामले तीन लाख के करीब के रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक भले ही ओमिक्रॉन वैरिएंट के लक्षणों को हल्का माना जा रहा है फिर भी इसको लेकर लोगों को कोई भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। ओमिक्रॉन के कारण भी लोगों को कई तरह की गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
Omicron Symptoms: संक्रमण के इस नए लक्षण ने बढ़ाई चिंता, ठीक होने के बाद भी बनी रह सकती है यह दिक्कत
ओमिक्रॉन संक्रमितों में पीठ के निचले हिस्से में दर्द की दिक्कत
हालिया रिपोर्ट से पता चलता है कि ओमिक्रॉन संक्रमण से रिकवर हो चुके लोगों में भी लंबे समय तक पीठ के निचले हिस्से में दर्द की समस्या देखने को मिल रही है। वाशिंगटन पोस्ट में छपी एक रिपोर्ट में डॉक्टरों ने बताया कि इस नए वैरिएंट से संक्रमित ज्यादातर लोगों में मांसपेशियों में दर्द की समस्या देखने को मिल रही है, वहीं कुछ लोग पीठ और कमर में दर्द की भी शिकायत कर रहे हैं, जोकि लंबे समय तक भी बनी रह सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक इस वैरिएंट से संक्रमण को हल्के में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए।
ओमिक्रॉन संक्रमितों में देखे जा रहे हैं अलग तरह के लक्षण
दक्षिण अफ़्रीकी मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष और दक्षिण अफ्रीका में ओमाइक्रोन वैरिएंट के बारे में पता लगाने वाली डॉ एंजेलिक कोएट्ज़ी कहती हैं, डेल्टा की तरह इस बार लोगों में गंध या स्वाद की कमी जैसे संकेत नहीं हैं, हालांकि कुछ लक्षण इस बार बिल्कुल अलग देखे जा रहे हैं। इस बार संक्रमितों में बहुत तेज बुखार की भी दिक्कत नहीं देखी जा रही है। हालांकि रात के समय पसीना आने, गले में दर्द और पीठ और कमर में दर्द जैसी शिकायत ज्यादा देखने को मिल रही है।
ओमिक्रॉन को हल्के में न लें
कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले सामने आने के बाद से ही विशेषज्ञ मानते आ रहे हैं कि इससे संक्रमण के लक्षण हल्के और सर्दी या फ्लू जैसे हो सकते हैं, हालांकि स्वास्थ्य एजेंसियों और शीर्ष डॉक्टरों ने इस बारे में लोगों को सावधान किया है। डब्ल्यूएचओ ने इस धारणा को गलत बताते हुए कहा है कि ओमिक्रॉन को सिर्फ सामान्य सर्दी मानने की भूल न करें, इसके कारण भी लोगों की जान जा रही है।
ठीक होने के बाद भी न बरतें लापरवाही
स्वास्थ्य विशेष कहते हैं, कोरोना के हर वैरिएंट से होने वाले संक्रमण के खिलाफ लोगों को सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है। लक्षण होने पर जांच, उनकी निगरानी और आइसोलेशन महत्वपूर्ण है। संक्रमण से ठीक होने के बाद भले ही आपका रिपोर्ट निगेटिव आ जाएं फिर भी सेहत को लेकर लापरवाही बरतने की गलती न करें। पोस्ट कोविड या लॉन्ग कोविड के मामले ओमिक्रॉन से ठीक हो रहे लोगों में भी देखे जा रहे हैं। पोस्ट कोविड की जटिलताओं को लेकर भी सभी को अलर्ट रहने की आवश्यकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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