Monkeypox: हमारे आसपास कई ऐसी बीमारियां हैं जो पलक झपकते ही हमको अपनी चपेट में ले लेती हैं। इसलिए हमें अपने खानपान से लेकर अपनी दिनचर्या का खासतौर पर ध्यान दें। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आप भी किसी बीमारी से घिर सकते हैं। इसलिए जब भी आपको किसी बीमारी के लक्षण दिखे तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और बचाव के सभी तरीके अपनाने चाहिए। जैसे- मंकीपॉक्स। दरअसल, इस बीमारी ने काफी देशों को परेशान कर रखा है क्योंकि इसके कई केस अब तक सामने आ चुके हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं ये मंकीपॉक्स किस देश से शुरू हुआ? शायद नहीं, तो चलिए जानते हैं इस बारे में...
Monkeypox Cases: जानें किस देश से शुरू हुआ मंकीपॉक्स फैलना और आप कैसे कर सकते हैं अपना बचाव
इस देश से फैलना शुरू हुआ मंकीपॉक्स
- मौजूदा समय में दुनिया भर के देशों में इस बीमारी के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं, मंकीपॉक्स की शुरुआत अफ्रीका के कांगो से शुरू हुई। इस देश से ये वायरस दूसरे देशों में अपने पांव पसार चुका है। कांगो में मंकीपॉक्स के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और इसे रोकने के लिए अफ्रीका द्वीप पर वैक्सीन भी थोड़ी ही मौजूद है।
लक्षण पहचानने जरूरी:-
मंकीपॉक्स के लक्षणों के बारे में पता होना चाहिए, ताकि आप समय रहते डॉक्टर से संपर्क कर सकें। आप नीचे देख सकते हैं कि मंकीपॉक्स के लक्षण क्या हैं...
- तेज बुखार आना
- मांसपेशियों और पीठ में दर्द होना
- तेज सिर दर्द और सूजन होने पर
- बुखार कम होने पर शरीर में चकत्ते हो जाना और ये चकत्ते पहले चेहरे से शुरू होते हैं और फिर पूरे शरीर में हो जाते हैं। इसके बाद इनमें खुजली और दर्द होता है।
बचाव कैसे कर सकते हैं?
- व्यक्ति से दूरी बनाएं
- संक्रमित व्यक्ति को अलग रखें
- सफाई का ध्यान रखें
- हाथों को बार-बार धोएं
- शारीरिक संबंध बनाने से बचें
- अपने डॉक्टर से संपर्क करें और वैक्सीन जरूर लगवाएं।
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डॉ. राजन गांधी
फिजिशियन
अनुभव- 25 साल
Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
https://ujalacygnus.com/doctors/#team_profile
नोट: डॉ. राजन गांधी अत्याधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह आईसीएचएच से वह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।