कैंसर दुनियाभर में होने वाली मृत्य के प्रमुख कारणों में से एक है। हर साल तमाम प्रकार के कैंसर के कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है। डॉक्टर्स कहते हैं, कैंसर के अधिक खतरनाक और जानलेवा होने का एक प्रमुख कारण इसका समय पर पता न चल पाना है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में ज्यादातर कैंसर के मामलों का निदान ही तब हो पाता है जब कैंसर थर्ड स्टेज में पहुंच जाता है, जहां से इसको बढ़ने से रोकना और रोगी की जान बचाना कठिन हो जाता है।
डॉक्टर्स ने चेताया: ऐसे लक्षणों को इग्नोर करना किडनी कैंसर का बढ़ा देता है खतरा, लापरवाही पड़ सकती है भारी
किडनी कैंसर के बारे में जानिए
किडनी कैंसर, रीनल सेल कार्सिनोमा किडनी कैंसर का सबसे आम प्रकार है। यह कैंसर किडनी में छोटी ट्यूबों के अस्तर में शुरू होता है। छोटे बच्चों में किडनी कैंसर के एक प्रकार- विल्म्स ट्यूमर होने का जोखिम अधिक देखा जाता है। डॉक्टर कहते हैं, हम सभी आसानी से शरीर में होने वाली कुछ समस्याओं के आधार पर किडनी में कैंसर की समस्या का पता लगा सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि लक्षणों की सही और समय रहते पहचान की जाए।
किडनी कैंसर में क्या होते हैं लक्षण?
अध्ययनकर्ता बताते हैं, किडनी में कैंसर के शुरुआती चरण में आमतौर पर कोई संकेत या लक्षण नहीं होते हैं। समय के साथ यह विकसित हो सकते हैं। यदि आपको इनमें से कोई भी दो से तीन तरह की दिक्कतें हो रही हैं तो इसे बिल्कुल भी अनदेखा न करें, समय रहते डॉक्टर से इस बारे में सलाह लेना बहुत आवश्यक हो जाता है।
- पेशाब का रंग गुलाबी, लाल या कोला रंग दिखाई देना।
- भूख में कमी
- अस्पष्टीकृत रूप से वजन घटने की समस्या।
- थकान-बुखार।
- टखनों और पैरों में सूजन।
- बार-बार बुखार आने की समस्या।
पेशाब के रंग में बदलाव पर दें ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि यदि आपके पेशाब के रंग में बदलाव नजर आ रहा है तो इसपर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। आपके मूत्र में रक्त (हेमट्यूरिया) आने की समस्या किडनी में कैंसर का संकेत हो सकती है। इसके अलावा कुछ कैंसर रोगियों में पेशाब का रंग गहरे भूरे या कोला जैसे रंग को भी हो सकता है। पेशाब में बदलाव की समस्या पर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
पीठ के निचले हिस्से में दर्द
एक या दोनों किडनी में अगर ट्यूमर है जिसका आकार बढ़ गया है, यह पीठ दर्द का कारण बन सकता है। पीठ के निचले हिस्से में और पसलियों के ठीक नीचे या बगल में दर्द महसूस हो रहा है तो इसे भी किडनी के कैंसर का एक संकेत माना जा सकता है। हालांकि जरूरी नहीं है कि हर दर्द सीधे तौर पर किडनी के कैंसर से ही जुड़ा हो इसलिए समस्या के सही निदान के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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