कैंसर का जोखिम हर उम्र वालों में हो सकता है, हालांकि लिंग के आधार पर भी कैंसर के जोखिमों पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। अध्ययनों में पाया गया है कि जहां महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा अधिक होता है, वहीं पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के मामले ज्यादा देखे जाते रहे हैं। वैसे तो 40 वर्ष से कम उम्र में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम होता है पर इसके बाद जोखिम बढ़ता जाता है। वैश्विक स्तर पर इस गंभीर समस्या का खतरा काफी तेजी से बढ़ता हुआ देखा गया है। प्रोस्टेट कैंसर दुनियाभर में पुरुषों में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है।
International Men's Day: पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम, बचाव के लिए इन बातों पर गंभीरता से दें ध्यान
प्रोस्टेट कैंसर की पहचान कैसे करें?
डॉक्टर्स कहते हैं, अधिकांश मामलों में प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती चरणों में इसके लक्षण नजर नहीं आते हैं। हालांकि कुछ संकेत हैं जिनपर सभी लोगों को गंभीरता से ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है। अगर आपमें भी इस तरह की दिक्कतें कुछ समय से बनी हुई हैं तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह लेकर जांच जरूर करा लें।
- पेशाब करने में परेशानी।
- पेशाब की धारा में बल कम होना।
- पेशाब में खून आना।
- वीर्य से रक्त आना।
- बिना प्रयास के तेजी से वजन कम होना
- नपुंसकता की समस्या।
स्वस्थ आहार का सेवन बहुत आवश्यक
प्रोस्टेट या फिर किसी भी स्वास्थ्य समस्या से बचे रहने के लिए आहार पर ध्यान रखना बहुत आवश्यक माना जाता है। इसके लिए फलों और सब्जियों से भरपूर स्वस्थ चीजों का सेवन करें। फलों और सब्जियों में कई प्रकार के विटामिन्स और पोषक तत्व होते हैं जो आपको स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। कई फलों में एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-कैंसर गुण भी पाए जाते हैं जो कैंसर के जोखिमों को कम करके शरीर को स्वस्थ रखने में मददगार हो सकते हैं।
व्यायाम को बनाएं दिनचर्या का हिस्सा
व्यायाम आपके समग्र स्वास्थ्य में सुधार करता है, यह वजन को नियंत्रित रखने में भी मददगार है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सभी लोगों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। यदि आप जिम नहीं जा सकते तो घर पर ही योग या फिर रनिंग, साइकिलिंग या तैराकी जैसे अभ्यास कर सकते हैं। व्यायाम करने से रक्त का संचार बेहतर बना रहता है।
वजन को कंट्रोल करें
यदि आपका वजन ठीक है, तो यह कई गंभीर बीमारियों से बचाव में आपके लिए सहायक हो सकता है। अधिक वजन को प्रोस्टेट कैंसर के कारक के तौर पर जाना जाता है। इसके अलावा वजन अधिक होना, हृदय रोग, आर्थराइटिस जैसी बीमारियों के जोखिम को भी बढ़ा देता है। आहार और व्यायाम के माध्यम से शरीर के वजन को कंट्रोल करने और कई प्रकार की बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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