पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर बड़ी जानकारी सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी दाईं आंख की रोशनी बिल्कुल कम हो गई है।
Imran Khan: क्या है सीआरवीओ की समस्या जिससे जूझ रहे हैं इमरान खान, 85% कम हो गई आंख की रोशनी
Imran khan vision loss: पूर्व प्रधानमंत्री इमारान खान के आंखों की रोशनी 85% तक कम हो गई है। जांच की रिपोर्ट के आधार पर बताया गया है कि उन्हें सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (सीआरवीओ) नाम की समस्या हो गई है। इसके लिए डॉक्टरों ने तुरंत इलाज और देखभाल की सलाह दी है।
रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
साझा की गई रिपोर्ट के मुताबिक एक वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक ने पूर्व प्रधानमंत्री की आंखों की जांच की है। जांच की रिपोर्ट के आधार पर बताया गया है कि उन्हें सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (सीआरवीओ) नाम की समस्या हो गई है। इसके लिए डॉक्टरों ने तुरंत इलाज और देखभाल की सलाह दी है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया, "पिटीशनर अपनी आंखों की रोशनी जाने और समय पर मेडिकल मदद न मिलने से बहुत परेशान और दुखी लग रहा था। उनकी आंखों से पानी आ रहा था और वह बार-बार उन्हें पोंछने के लिए टिशू का इस्तेमाल कर रहा था, जिससे उसे शारीरिक परेशानी दिख रही थी। खान को उनके डॉक्टर से मिलने नहीं दिया गया, जबकि वह 73 साल के हैं और कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।
सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन क्या है?
सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (सीआरवीओ) आंखों की एक गंभीर बीमारी है जिसे अक्सर आई स्ट्रोक कहा जाता है। रेटिना से खून को बाहर निकालने वाली मुख्य नस में जब कोई थक्का बन जाता है औ ये ब्लॉक हो जाती है तो इस तरह की समस्या हो सकती है।
- सीआरवीओ के कारण अचानक और बिना दर्द के आंखों की रोशनी जाने का खतरा हो सकता है।
- यह मुख्य रूप से 50 साल से ज्यादा उम्र के उन लोगों को होता है।
- हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या ग्लूकोमा जैसी समस्याओं के शिकार लोगों में सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन होने का खतरा अधिक देखा जाता रहा है।
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क्या होते हैं इसके लक्षण?
सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन का सबसे आम लक्षण है नजर कम होना या बिल्कुल धुंधला दिखना। यह अचानक हो सकता है। कभी-कभी इस समस्या के कारण पूरी तरह से अंधापन भी हो सकता है।
- फ्लोटर्स दिखना इसका आम लक्षण है। आपकी आंखों से काले धब्बे, लाइनें या टेढ़े-मेढ़े निशान दिख सकते हैं।
- ये रेटिना की नसों से रिसने वाले खून के छोटे-छोटे गुच्छों की परछाईं होती हैं।
- कुछ गंभीर स्थितियों में आंखों में तेज दर्द और दबाव की भी समस्या हो सकती है।
इससे बचाव के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन को वैसे तो पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता है हालांकि कुछ उपायों की मदद से इसके खतरे को कम कर सकते है।
- आंखों की समस्याओं से बचे रहने के लिए लाइफस्टाइल और खानपान में सुधार जरूरी है।
- लो फैट वाली चीजें खाएं। आहार में पौष्टिक चीजों की मात्रा अधिक करें।
- विटामिन-ए और ई वाली चीजें आहार में शामिल करें। ओमेगा-3 फैटी एसिड भी आपके लिए जरूरी है।
- रेगुलर एक्सरसाइज करें। व्यायाम योग से रक्त संचार ठीक रहता है।
- सही वजन बनाए रखें। इससे डायबिटीज, हृदय रोग और ब्लड प्रेशर से बचाव होता है।
- धूम्रपान न करें, इससे आंखों को नुकसान होता है।
- ब्लड प्रेशर और शुगर को कंट्रोल करें। इसका अनियंत्रित रहना आंखों की दिक्कतें बढ़ा सकता है।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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