कोरोना संक्रमण का जोखिम जिस तरह से दुनिया के कई देशों में बढ़ता हुआ देखा जा रहा है, उसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अध्ययनों में पाया गया है कि वैसे तो BF.7 वैरिएंट से संक्रमण की स्थिति में गंभीर रोग के मामले कम देखे जा रहे हैं पर जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है, या फिर जो कोमारबिडिटी के शिकार हैं, यह वैरिएंट उनके लिए समस्याकारक भी हो सकता है। इस तरह के जोखिम को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को लगातार कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहने की सलाह देते हैं।
Health Tips: कमजोर इम्युनिटी वालों के लिए दिक्कत बढ़ा सकता है कोरोना, जानिए जोखिमों से कैसे रहें सुरक्षित?
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स्वस्थ आहार का सेवन करें
हार्वर्ड हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार शरीर को स्वस्थ रखने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देने के लिए स्वस्थ आहार का सेवन करना सबसे आवश्यक है। इसके लिए भोजन में फल और सब्जियां, प्रोटीन वाले आहार, साबुत अनाज और डेयरी उत्पादों को शामिल करना चाहिए । संतृप्त वसा, कोलेस्ट्रॉल, नमक और अधिक मात्रा में चीनी के सेवन से बचें। स्वस्थ भोजन करने से शरीर को कई पोषक तत्व मिलते हैं जो इष्टतम प्रतिरक्षा प्रणाली बनाने में मददगार हैं।
व्यायाम-योग जरूरी
नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि जिसमें योग-व्यायाम शामिल हैं, ये आपको बेहतर महसूस करने, अच्छी नींद लेने और चिंता को कम करने में मदद करती है। स्वस्थ आहार के साथ, नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करना हार्मोन्स को संतुलित रखने और वजन को नियंत्रित करने में सहायक है, इससे इम्युनिटी पावर मजबूत होती है और बीमारियों का खतरा कम होता है।
शराब-धूम्रपान सेहत के दुश्मन
धूम्रपान और शराब को सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक माना जाता है, इनका सेवन शरीर की बीमारी से लड़ने की क्षमता को कमजोर कर देती है। धूम्रपान से रुमेटीइड आर्थराइटिस, फेफड़ों की बीमारियों सहित प्रतिरक्षा प्रणाली की समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा शराब का सेवन प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर सकता है, ऐसे लोगों में संक्रमण और बीमारियों के विकसित होने का जोखिम अधिक देखा जाता रहा है।
अच्छी नींद बहुत आवश्यक
इम्युनिटी को मजबूत रखने के लिए आहार और व्यायाम के साथ अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी है। अध्ययनों से पता चलता है कि नींद की कमी प्रतिरक्षा प्रणाली को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है। जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती है उनमें चिंता-तनाव जैसे मनोरोगों के साथ हृदय रोग-ब्लड प्रेशर का खतरा भी अधिक होता है। रोजाना 6-8 घंटे की नींद लेना सुनिश्चित करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।