कोई भी बड़ी बीमारी अचानक ही किसी के भी शरीर पर अधिकार नहीं जमाती है। शरीर को पहले संकेत मिलते हैं। गले का कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जो कि पिछले सालों में बहुत हद तक बढ़ चुका है। जैसे- जैसे लोगों ने अपनी जीवनशैली को हल्के में लेना शुरू किया इस तरह की बड़ी-बड़ी बीमारियों ने पुरुषों और महिलाओं को बराबरी से अपनी गिरफ्त में लिया है। गले का कैंसर मनुष्य के गले को पूरी तरह से खराब कर देता है। कई बार ये इंसानों को उनकी बुरी आदतों के कारण भी हो जाता है। अगली स्लाइड्स के माध्यम से जानिए क्या है यह कैंसर, इसके लक्षण और इससे बचने के उपाय।
यदि आपको भी लंबे समय से है गले में खराश तो हो जाइए सावधान, हो सकता है कैंसर
क्या होता है गले का कैंसर
गले का कैंसर एक तरह का ट्यूमर होता है जिसे कि आंग्लभाषा में थ्रोट कैंसर भी कहा जाता है। व्यक्ति के गले में एक नली होती है जो कि नाक के पीछे होती है, यह हड्डी बहुत मजबूत नहीं होती है। गले के कैंसर में इस हड्डी पर प्रभाव पड़ता है। गले में कैंसर की शुरुआत कोशिकाओं से होती है। पहले गले का कैंसर पुरुषों को अधिक होता था लेकिन अब इसके लक्षण बराबरी से महिलाओं में भी नजर आते हैं।
वजह
गले के कैंसर के होने के पीछे बहुत सारी वजह हैं लेकिन सबसे प्रमुख वजहों में से एक है शराब का सेवन। जो लोग लंबे समय से शराब का सेवन कर रहे हैं, उनमें तो इसके होने की संभावना और भी बढ़ जाती है। इसके अलावा तम्बाकू का सेवन, धूमपान, एसिड रिफ्लक्स, गले को भरपूर पोषक तत्व न मिल पाने से भी यह बीमारी हो सकती है।
लक्षण
यदि लंबे समय से आपको गले में खराश बनी हुई है तो नजरअंदाज न करें। सांस लेने में समस्या, आवाज में परिवर्तन, गले के साथ कान में दर्द, गले में छाले, अचानक से वजन का घटना, भोजन निगलने में कठिनाई, अगर इस तरह के कोई भी लक्षण नजर आते हैं तो संभल जाइए और चिकित्सक से परामर्श लें।
बचाव के उपाय
यदि आपको बताए गए लक्षणों में से कोई भी लक्षण लंबे समय से नजर आ रहा है तो सबसे पहले धूमपान और शराब के सेवन को बंद करें। अपने आहार में ताजे फल, दूध और हरी सब्जियां शामिल करें, तला-गला बिल्कुल न खाएं। रोजाना व्यायाम करें। गरम पानी के गरारे करें। इन सब प्रारंभिक उपायों को करने के बाद भी यदि लक्षण जस के तस ही हैं तो डॉक्टर से परामर्श लें।