शहद एक और फायदे अनेक। जी हां, बिल्कुल सही पढ़ा आपने और हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि इसमें कई ऐसे गुण हैं, जो हमारे शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। वजन कम करना हो, चेहरे पर निखार चाहिए हो या फिर गले से जुड़ी समस्या में आराम चाहिए हो आदि। इन सभी में शहद काफी कारगर होता है। लोग सुबह उठकर गुनगुने पामी में शहद का सेवन करके अपने दिन की शुरुआत करते हैं, जो हमारे शरीर को काफी लाभ पहुंचाता है। लेकिन ये लाभ तभी मिल सकता है जब शहद असली हो। तो चलिए आपको कुछ तरीके बताते हैं जिससे शहद की शुद्धता को पहचानने में मदद मिल सकती है।
शहद की शुद्धता को लेकर हैं मन में सवाल, तो ऐसे करें असली और नकली की पहचान
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अगर आपका शहद असली है, तो फिर ये आग में जलने लगेगा। चौंकिए मत, लेकिन ये सच है। आपको इसके लिए करना ये है कि एक लकड़ी पर पहले तो थोड़ी रूई लपेट लें और फिर उस पर शहद लगा लें। इसके बाद जलती मोमबती की आंच पर रूई लगे वाले सिरे को रखें। ऐसे में अगर आपका शहद जलने में समय ले रहा है तो यानी आपका शहद नकली है और उसमें पानी की मिलावट हो सकती है। जबकि अगर शहद आसानी से जलने लगे, तो समझ लीजिए कि आपका शहद असली और शुद्धता से भरा है।
पानी और सिरके के जरिए भी असली और नकली शहद का पता लगाया जा सकता है। एक कांच के गिलास में पहले तो एक बड़ा चम्मच शहद डालें, फिर उसमें 2 से 3 बूंदे सिरके की भी डालें इसके बाद आखिर में पानी डालकर सभी को मिला लें। इसके बाद कुछ मिनट में देखें कि अगर इसमें झाग उठने लगे, तो इसे समझ सकते हैं कि शहद मिलावट वाला है। वहीं, अपने अंगूठे पर शहद की एक बूंद लेकर उससे तार बनाने की कोशिश करें। इस दौरान अगर शहद अंगूठे पर ही जमा रहेगा तो ये मिलावट वाला है, और अगर इससे मोटी तार बनती है तो ये शहद शुद्ध हो सकता है।
ज्यादातर लोग सुबह उठते ही शहद का सेवन गुनगुने पानी के साथ करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये गर्म पानी ही आपको असली और नकली शहद की पहचान करने में मदद कर सकता है। आप गर्म पानी के एक गिलास में एक चम्मच शहद डाल लें। इसके बाद ध्यान दें कि अगर शहद की मोटी सी तार बनती है और ये गिलास के निचले भाग में जाकर बैठ जाता है, तो यानी ये शहद शुद्ध है। जबकि ये पानी में घुल जाता है तो ये शहद मिलावट वाला हो सकता है।
ब्रेड के जरिए भी शहद का पता लगाया जा सकता है। एक ब्रेड पर शहद डालिए और अगर वो नरम रहती है, तो शहद असली है। लेकिन अगर ब्रेड टाइट यानी कठोर हो जाएगी तो शहद मिलावट वाला हो सकता है। इसके अलावा टिश्यू पेपर पर शहद की एक बूंद डालें। इसके बाद अगर टिश्यू पेपर शहद को सोख लेता है तो इसमें पानी की मिलावट होगी। जबकि, शुद्ध शहद टिश्यू पेपर पर जमा रहेगा।
नोट: यह सलाह केवल आपको सामान्य जानकारी प्रदान करने के लिए दी गई है। आप किसी भी चीज का सेवन या कोई भी घरेलू उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।