दुनियाभर में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। अध्ययनों से पता चलता है कि ब्लड प्रेशर के कारण तमाम तरह की अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। हाई ब्लड प्रेशर के कारण हृदय रोगों का खतरा सबसे अधिक माना जाता है। हाल ही में लैंसेट जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ब्लड प्रेशर, विशेषकर हाई ब्लड प्रेशर को स्वास्थ्य के लिए काफी गंभीर खतरा बताया है। विशेषज्ञों के मुताबिक हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के कारण सिर्फ हृदय रोग ही नहीं, शरीर के कई अन्य अंगों जैसे किडनी और आंखों को भी नुकसान पहुंच सकता है।
अध्ययन: इस एक वजह से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा हो गया है दोगुना, किडनी-आंखें भी हो सकती हैं खराब
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हाइपरटेंशन के कारण बढ़ रही हैं अन्य समस्याएं
अध्ययनों से पता चलता है कि हाई ब्लड प्रेशर के कारण हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा दोगुना बढ़ जाता है। इसके अलावा यह किडनी फेलियर, दृष्टि की हानि और यहां तक कि अल्जाइमर के जोखिम को भी बढ़ा देता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखकर इस तरह की तमाम स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को कम किया जा सकता है। खान-पान और जीवनशैली में आवश्यक परिवर्तन करके इस समस्या को आसानी से नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है, उन्हें रक्तचाप की नियमित रूप से जांच करते रहना चाहिए। इसके अलावा डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयों के साथ-साथ रोजाना व्यायाम को जीवनशैली का हिस्सा बनाकर आप रक्तचाप को आसानी से नियंत्रित कर सकते हैं। हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि शारीरिक गतिविधि न केवल उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करती है, साथ ही यह आपके वजन को नियंत्रित रखने और तनाव के स्तर को कम करने में भी सहायक हो सकती है।
बढ़ता वजन पैदा कर सकता है खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक वजन बढ़ना कई मामलों में सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। हार्वर्ड टीएच चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के अनुसार, अधिक वजन प्रजनन, श्वसन क्रिया से लेकर याददाश्त और मनोदशा तक को प्रभावित कर सकता है। वजन बढ़ने के कारण हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होना सामान्य है। यह स्थिति मधुमेह, हृदय रोग और कुछ प्रकार के कैंसर जैसी बीमारियों के जोखिम को भी बढ़ा देती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सिगरेट पीने से सिस्टोलिक रक्तचाप 20 प्वाइंट तक बढ़ जाता है। हार्वर्ड के एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि धूम्रपान और शराब जैसे कारकों के कारण समय से पहले मृत्यु दर का जोखिम कई गुना तक बढ़ जाता है। धूम्रपान न सिर्फ ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है साथ ही इससे श्वसन के साथ कई अन्य गंभीर रोगों का जोखिम भी बढ़ जाता है।
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स्रोत और संदर्भ
Global and national high blood pressure burden and control
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।