अनियंत्रित उच्च रक्तचाप मौजूदा समय की सबसे बड़ी और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। इसे साइलेंट किलर बीमारी के रूप में जाना जाता है, जो आगे चलकर हृदय रोगों का कारण बन सकती है। इतना ही नहीं अगर उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) का समय पर इलाज न किया जाए तो इससे किडनी फेलियर, फेफड़ों-हृदय और यहां तक कि ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी काफी बढ़ सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और इंपीरियल कॉलेज लंदन द्वारा जारी संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पिछले तीन दशक में उच्च रक्तचाप वाले वयस्कों की संख्या 650 मिलियन से बढ़कर 1.28 बिलियन हो गई है।
विशेषज्ञ ने बताया: इस वजह से बढ़ रही है हाइपरटेंशन की समस्या, जानिए बिना दवाइयों के इसे कैसे कर सकते हैं कंट्रोल?
हाई ब्लड प्रेशर बढ़ाने वाले कारक
वरिष्ठ आहार विशेषज्ञ और लेखक डॉ माइकल ग्रेगर ने हाल ही में उच्च रक्तचाप को कंट्रोल करने के कुछ आसान उपायों के बारे में जानकारी दी है। अपने लेख में वह बताते हैं, नवीनतम वैज्ञानिक अध्ययनों से निष्कर्ष निकलता है कि इस समस्या से बचाव के लिए आहार का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है। अमेरिकी कॉलेज के छात्रों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि जो लोग मांसाहार का अधिक सेवन करते हैं, उनमें उच्च रक्तचाप की समस्या अधिक हो सकती है। इसे प्रमुख कारक के तौर पर देखा जाना चाहिए।
प्लांट बेस्ड खाद्य पदार्थ लाभदायक
शोध के दौरान डॉ ग्रेगर ने पाया कि जब इस समूह के छात्रों ने कुछ समय तक मांस वाले आहार को छोड़कर पौधे पर आधारित चीजों का सेवन बढ़ा दिया तो उनमें रक्तचाप सामान्य हो गया। इतना ही नहीं उनमें से कई जो हाई बीपी के लिए दवा ले रहे थे, आहार में इस तरह के परिवर्तन के बाद उनकी दवाइयों की आवश्यकता भी कम हो गई।
डॉ ग्रेगर कहते हैं कि हाइपरटेंशन की समस्या से बचाव के लिए पौधे पर आधारित भोजन आपके लिए विशेष लाभदायक हो सकता है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
लेख में आहार विशेषज्ञ डॉ ग्रेगर ने यह भी उल्लेख किया है कि दूध, डेयरी, मछली, अंडे, चिकन जैसी चीजों का भी नियमित सेवन हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को बढ़ा सकता है। इस बढ़ती स्वास्थ्य समस्या के जोखिम को कम करने के लिए प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से दूरी बनाकर भोजन में साबुत अनाज और पौष्टिक सब्जियों को शामिल करके बिना दवाइयों के भी इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
ऐसा होना चाहिए आहार
आहार विशेषज्ञ के मुताबिक हाइपरटेंशन के जोखिम को कम करने के लिए कुछ सामान्य सी बातों का सभी लोगों को ध्यान रखना आवश्यक है।
- फल, सब्जियों का अधिक सेवन और कम फैट वाले डेयरी उत्पादों का सेवन करें।
- उन खाद्य पदार्थों में कटौती करें जिनमें सेचुरेटेड और ट्रांस फैट के साथ कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक होती है।
- साबुत अनाज, मछली, चिकन और नट्स का सेवन करें।
- सोडियम, मिठे खाद्य-पेय और रेड मीट का सेवन बहुत ही नियंत्रित मात्रा में करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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