कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच दुनिया के कई देशों में कोरोना के मामले एक बार फिर से बढ़ने लगे हैं। कोरोना के नए वैरिएंट्स को विशेषज्ञ काफी संक्रामक और घातक बता रहे हैं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर है उन्हें तीसरी लहर से बेहद सुरक्षा बरतने की आवश्यकता है। यही कारण है कि लोग एक बार फिर से प्रतिरक्षा को बढ़ाने वाले उपाय करने शुरू कर रहे हैं। जानकारों के मुताबिक चूंकि कोविड-19 संक्रमण ऊपरी श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है, इसलिए इससे सुरक्षित रहने के लिए फेफड़ों को मजबूत करना आवश्यक हो जाता है।
कोरोना की तीसरी लहर: संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए रोजाना कीजिए यह अभ्यास, मजबूत होगी इम्यूनिटी
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अनुलोम-विलोम आसन
अनुलोम विलोम योगाभ्यास व्यायाम को फेफड़ों से विषाक्त पदार्थों को निकालर उन्हें शुद्ध करने, फेफड़ों में जमा अतिरिक्त द्रव को कम करने के साथ फेफड़ों में ऑक्सीजन युक्त रक्त के प्रवाह को बढ़ावा देने में काफी प्रभावी माना जाता है। इतना ही नहीं यह प्रतिरक्षा और फेफड़ों की क्षमता को बढ़ावा देने में भी सहायक है। इस व्यायाम को करने के लिए शांत मुद्रा में बैठ जाएं। अपनी आंखें बंद करें और दाहिने अंगूठे को नाक के दाहिने छिद्र पर रखें। अब बाईं तरफ से गहरी सांस लें औऱ दाहिनी ओर से छोड़ें। इसी तरह से नाक की दूसरी तरफ से भी सांस लें और छोड़ें।
गहरी सांस वाले योगाभ्यास
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर के दौरान वायरस का फेफड़ों पर गंभीर असर देखने को मिला था। अगर आपके फेफड़े मजबूत हैं तो वायरस के गंभीर प्रभावों से बचा जा सकता है। फेफड़ों को मजबूत करने में गहरी सांस वाले व्यायाम काफी फायदेमंद हो सकते हैं। यह व्यायाम डायाफ्राम फ़ंक्शन को बेहतर बनाने के साथ सांस लेने की क्षमता में सुधार करने में सहायक हो सकते हैं। कई नैदानिक अध्ययनों में विशेषज्ञों ने पाया है कि ऐसे योगाभ्यास सांस लेने में तकलीफ को कम करने के साथ इससे संबंधित अन्य जटिलताओं को कम करने में भी सहायक हो सकते हैं। इसके अलावा सभी लोगों को नियमित रूप से योग का अभ्यास करना चाहिए।
भ्रामरी प्राणायाम
प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए भ्रामरी प्राणायाम को काफी फायदेमंद योगाभ्यासों में से एक माना जाता है। इस योगाभ्यास को करने के लिए सबसे पहले शांत वातावरण में बैठ जाएं और पूरे शरीर को शिथिल कर लें। हाथों को अपने सिर के पास ले जाएं। अंगूठे को अपने कानों के अंदर, तर्जनी को पलकों पर, मध्यमा को नाक, अनामिका को अपने ऊपरी होंठ पर और छोटी उंगली को अपनी ठुड्डी पर रखें। गहरी सांस लें और फिर ओम जैसे उच्चारण के साथ सांस छोड़ें। इससे आपके सिर में कंपन पैदा होगा। इस योग के तमाम फायदे हो सकते हैं।
पेट और पीठ को आराम दिलाने के साथ यह योग अभ्यास प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देता है। इस अभ्यास को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाइए और हथेली को कंधे के नीचे रखिए। सांस लेते हुए और शरीर के अगले भाग को ऊपर की और उठाएं। 10-20 सेकंड्स के लिए इसी अवस्था में रहिए फिर सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं। इस अभ्यास को नियमित रूप से 10-15 बार किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है।
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