हाल के दशकों में दुनियाभर में कैंसर, सबसे तेजी से बढ़ने वाली बीमारियों में से एक है। कैंसर कई प्रकार के हो सकते हैं और लगभग सभी प्रकार के कैंसर को घातक माना जाता है। कैंसर का उपचार भी आम बीमारियों की तुलना में काफी महंगा और चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी समस्या को देखते हुए हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया है कि मेलेनोमा नामक कैंसर के उपचार में कुछ प्रकार की एंटीबायोटिक्स दवाएं काफी फायदेमंद हो सकती हैं। मेलेनोमा, एक प्रकार का त्वचा का कैंसर है। चूहों पर किए गए परीक्षण के आधार पर शोधकर्ताओं ने इस बात की पुष्टि की है।
बड़ी राहत: त्वचा कैंसर का इलाज हुआ बेहद आसान, अध्ययन में वैज्ञानिकों ने इन दवाओं को पाया असरदार
चूहों पर किए गए अध्ययन में दिखे अच्छे परिणाम
बेल्जियम के केयू ल्यूवेन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में कुछ प्रकार की एंटीबायोटिक्स दवाओं को असरदार पाया है। जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन के निष्कर्ष में कैंसर शोधकर्ता और आरएनए जीवविज्ञानी एलोनोरा लेउची बताते हैं कि अध्ययन के दौरान पाया गया कि एंटीबायोटिक्स दवाएं, कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में कारगर साबित हो सकती हैं। यह ट्यूमर को भी खत्म करके रोगी के जीवनकाल को बढ़ाने में सहायक हो सकती हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह अध्ययन चूहों पर किए गए शोध पर आधारित हैं इसलिए यह मनुष्यों में कितना प्रभावी होगा, इसे जानने के लिए और अधिक शोध की आवश्यकता है। रोगियों को खुद से किसी भी तरह की एंटीबायोटिक्स दवाओं का सेवन नहीं शुरू करना चाहिए।
मेलेनोमा कैंसर के बारे में जानिए
मेलेनोमा कैंसर को डॉक्टर सबसे गंभीर प्रकार के त्वचा कैंसर के रूप में देखते हैं। यह कैंसर मेलानोसाइट्स नामक कोशिकाओं में विकसित होता है जो मेलेनिन उत्पन्न करता है। मेलेनिन त्वचा को रंग प्रदान करता है। यह कैंसर शरीर के किसी भी अंग में विकसित हो सकता है। मेलेनोमा का सटीक कारण स्पष्ट नहीं है, हालांकि माना जाता है कि सूरज की रोशनी वाले पराबैंगनी (यूवी) विकिरण के संपर्क में अधिक रहने या फिर कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में इस कैंसर के विकसित होने का खतरा अधिक हो सकता है। यूवी विकिरण के अधिक संपर्क से बचकर मेलेनोमा कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।
त्वचा का यह कैंसर आपके शरीर में कहीं भी विकसित हो सकता है। यह अक्सर उन हिस्सों में ज्यादा विकसित होते हैं जो सूर्य के संपर्क में अधिक रहते हैं जैसे पीठ, पैर, हाथ और चेहरा। हालांकि यह उन हिस्सों में भी हो सकता है जो धूप से बचे रहते हैं। गहरे रंग की त्वचा वाले लोगों में मेलेनोमा कैंसर का जोखिम अधिक होता है। इस तरह के कैंसर के शिकार लोगों में कई तरह के लक्षण देखे जा सकते हैं।
- त्वचा में परिवर्तन जैसे कि त्वचा पर असामान्य तरीके का दाग।
- त्वचा पर घाव जो ठीक न हो रहा हो।
- त्वचा के किसी हिस्से में घाव जिसमें लंबे समय से दर्द या खुजली की समस्या हो।
- त्वचा में गांठ बनना।
मेलेनोमा कैंसर का इलाज कैसे किया जाता है?
डॉक्टरों के मुताबिक मेलेनोमा की स्थिति के आधार पर इसका इलाज किया जाता है। यदि मेलेनोमा पास के लिम्फ नोड्स में फैल गया है, तो सर्जन प्रभावित नोड्स को हटा सकते है। सर्जरी से पहले या बाद में अतिरिक्त उपचार की भी आवश्यकता हो सकती है। कुछ रोगियों को इम्यूनोथेरपी या रेडिएशन थेरपी के उपचार की भी आवश्यकता हो सकती है। कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए कीमोथेरेपी दवाओं का उपयोग भी किया जा सकता है। हालिया अध्ययनों में कुछ प्रकार की एंटीबायोटिक्स दवाओं को प्रभावी बताया जा रहा है, हालांकि इनकी प्रमाणिकता के लिए अभी और अधिक अध्ययन की आवश्यकता है।
------------
स्रोत और संदर्भ:
Activation of the integrated stress response confers vulnerability to mitoribosome-targeting antibiotics in melanoma
अस्वीकरण नोट: यह लेख बेल्जियम के केयू ल्यूवेन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। इस अध्ययन का निष्कर्ष जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल मेडिसिन में प्रकाशित हुआ है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। संबंधित विषय के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से सलाह लें।