कोरोना वायरस के बढ़ते मामले दुनियाभर में चिंता का विषय बने हुए हैं। इसका इलाज ढूंढने के लिए दुनियाभर के डॉक्टर और वैज्ञानिक रिसर्च में लगे हुए हैं। भारत में भी बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों से सावधानियां बरतने की अपील की जा रही है। केंद्रीय परिवार एवं स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को सोशल डिस्टेंस यानी ‘सामाजिक-दूरी’ के उपाय संबंधित दिशानिर्देश जारी किए। इनमें 31 मार्च तक शिक्षण संस्थान बंद रखने सहित धर्म, कारोबार, यात्राओं आदि सभी क्षेत्रों के लिए सिफारिशें दी गई हैं। अब आपके मन में सवाल होगा कि ये सोशल डिस्टेंस क्या है? आइए जानते हैं क्या है सोशल डिस्टेंस और स्वास्थ्य मंत्रालय ने किनके लिए कौन से दिशानिर्देश जारी किए हैं?
Coronavirus: क्या है सोशल डिस्टेंस और कोरोना वायरस से बचने के लिए कितना है जरूरी?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोशल डिस्टेंस यानी सामाजिक दूरी
सोशल डिस्टेंस का सामान्य अर्थ लोगों से दूरी बनाए रखना है। कोरोना से बचने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय शुरू से ही भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने की अपील कर रहा है। सामाजिक आयोजनों में लोगों की भीड़ होती है और सबकी स्क्रीनिंग यानी कि जांच कर के प्रवेश देना मुमकिन नहीं होता। भीड़ में यह भी पता नहीं होता कि कौन बस, मेट्रो या ट्रेन से आ रहा है या फिर कहीं पहले से वह कहीं से संक्रमित होकर तो नहीं आ रहा? ऐसे में सोशल डिस्टेंस यानी सामाजिक दूरी बनाए रखना बेहतर विकल्प है।
धार्मिक और कारोबारी आयोजन
- क्षेत्रीय अधिकारी विभिन्न धर्म के नेताओं और प्रभाव रखने वाले लोगों से मिले।
- उन्हें बड़ी भीड़ जुटने के खतरे बताएं, जमा हुए लोगों में एक मीटर की दूरी सुनिश्चित करवाएं।
- सभी व्यावसायिक गतिविधियों में ग्राहकों के बीच एक मीटर की दूरी रखवाएं।
- खरीदारी के पीक-आवर्स में भीड़ कम करवाएं।
- संगठनों और संबंधित समूहों से मिलें, कारोबार का समय तय करें।
- सब्जी-अनाज मंडियों, बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन, आदि में जागरुकता अभियान चलाएं।
- ऑनलाइन या बाजार से सामान और सेवाओं की डिलीवरी देने वालों को संक्रमण से विशेष सुरक्षा दिलवाएं।
हाथ धोने के प्रोटोकॉल का पालन करें होटल और रेस्त्रां
- उन जगहों को लगातार साफ करवाएं, जहां लोग बार-बार हाथ लगाते हैं।
- खाने की टेबलों के बीच कम से कम एक मीटर की दूरी रखें।
- संभव हो तो खुले में बैठने की व्यवस्था करें।