शरीर के सभी अंगों के ठीक से काम करते रहने के लिए रक्त का ठीक तरीके से पूरे शरीर में संचार होते रहना जरूरी है। रक्त के माध्यम से ऑक्सीजन और पोषक तत्व अंगों को प्राप्त हो रहते हैं, हालांकि आहार और दिनचर्या में कुछ प्रकार की गड़बड़ी के कारण रक्त में अपशिष्टों की मात्रा बढ़ सकती है। इसके कारण कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम रहता है।
Kidney Health: चाहते हैं साफ रहे खून तो रखिए इस अंग की सेहत का ख्याल, ये उपाय करेंगे मदद
किडनी की बीमारी का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हमारी दिनचर्या की कई आदतें किडनी की बीमारियों का कारण बनती हैं जिससे न सिर्फ इनकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है साथ ही रक्त में अपशिष्टों की मात्रा के बढ़ने का भी खतरा रहता है। इसके लिए जरूरी है कि कम उम्र से ही लाइफस्टाइल और आहार पर विशेष ध्यान रखा जाए। आइए जानते हैं कि किडनी को स्वस्थ रखने और रक्त को साफ-शुद्ध रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?
बात-बात पर न लें एंटीबायोटिक्स
एंटीबायोटिक्स का उपयोग बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होने वाली समस्याओं को कम करने के लिए किया जाता रहा है। हालांकि पिछले कुछ वर्षो में एंटीबायोटिक्स का अनावश्यक उपयोग बढ़ा है, जिसके कारण एंटीबोयिटिक रेसिस्टेंस का जोखिम भी बढ़ गया है। बैक्टीरिया से लड़ने वाली इन दवाओं का अधिक सेवन आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा सकती है। बिना डॉक्टरी सलाह के एंटीबायोटिक्स के उपयोग से बचा जाना चाहिए।
आहार का ध्यान रखना बहुत जरूरी
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है कि आप आहार की गुणवत्ता का ध्यान रखें। किडनी हमारे भोजन को संसाधित करती है। आहार में फलों-सब्जियों की मात्रा बढ़ाएं। अधिक वसा, नमक और चीनी के सेवन से भी किडनी को नुकसान पहुंच सकता है। मौसमी सब्जियां, फल-साबुत अनाज का सेवन बढ़ाएं और प्रोसेस्ड चीजों की मात्रा कम करें। किडनी को स्वस्थ रखने के लिए आहार का ठीक रहना बहुत आवश्यक है।
नमक का सेवन कर दें कम
नमक का अधिक सेवन न सिर्फ ब्लड प्रेशर की समस्या को बढ़ाती है साथ ही इसके कारण आपकी किडनी को भी खतरा हो सकता है। वहीं जिन लोगों को पहले से ही किडनी से संबंधित दिक्कत रही है उनके लिए ये जटिलताओं को बढ़ाने वाली भी हो सकती है। ये ब्लड प्रेशर और किडनी स्टोन के लिए भी गंभीर जोखिम कारक है। आहार में नमक की मात्रा को कम रखें।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।