मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, यानी उसके लिए अपने साथियों-परिजनों से बेहतर संबंध रखना जरूरी है। अगर आप इसमें असमर्थता पाते हैं तो कहीं ये अकेलेपन की समस्या का परिणाम तो नहीं है? अकेलापन जिसे लोनलीनेस के रूप में जाना जाता है, अगर यह दिक्कत लंबे समय तक बनी रहती है तो आपको अलर्ट हो जाने की आवश्यकता है। लोनलीनेस को कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारक माना जाता है। इतना ही नहीं अकेलापन आपमें समय से पहले मृत्यु के खतरे को भी बढ़ाने वाली स्थिति हो सकती है।
Loneliness: अक्सर महसूस करते हैं अकेलापन तो ये समय से पहले मौत का बन सकती है कारण, रहिए सावधान
क्या है लोनलीनेस?
अकेलापन केवल अकेले होने के बारे में नहीं है, कुछ लोग अकेलेपन में ही खुश होते हैं। यह समस्या तब बनती है जब आप किसी खास के साथ छोड़ जाने से परेशान होते हैं, बात तो करना चाहते हैं पर कर नहीं पाते। इस तरह का अकेलापन आपको काटने को दौड़ता है। यह कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का कारक हो सकती है। ये सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य को ही नहीं प्रभावित करती है, इसका शारीरिक स्वास्थ्य पर भी असर हो सकता है।
प्रतिरक्षा तंत्र हो जाती है कमजोर
यदि आप लंबे समय तक अकेले रहते हैं, तो यह आपके शरीर के लिए बीमारी से लड़ने की क्षमता को कमजोर कर देती है। अकेलापन आपके शरीर के कुछ हार्मोनों को ट्रिगर करता है, जो तनाव का कारण बनते हैं। स्ट्रेस हार्मोन का बढ़ना शरीर के इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देती है, जिसके कारण आप बार-बार बीमार पड़ने लगते हैं। ये आपके संक्रामक रोगों के चपेट में आने के खतरे को बढ़ाने वाली स्थिति भी हो सकती है।
रक्तचाप और हार्ट की समस्या
यदि आप अकेले हैं, खासकर यदि यह 4 साल या उससे अधिक समय तक बना रहता है तो इसके कारण आपको ब्लड प्रेशर की समस्या होने का जोखिम काफी अधिक हो सकता है। हाई ब्लड प्रेशर के कारण हार्ट अटैक का जोखिम भी बढ़ जाता है जो वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। हार्ट की समस्या आपमें समय से पहले मृत्यु के खतरे को भी बढ़ाने वाली मानी जाती है।
मानसिक विकार और अवसाद का जोखिम
अकेलापन, शरीर के साथ -साथ आपके दिमाग को भी प्रभावित करता है। यदि आप अकेले हैं, तो आप अपने जीवन के बारे में बुरा महसूस करना शुरू कर सकते हैं और उदास हो सकते हैं। ये स्थिति अवसाद के खतरे को बढ़ाने वाली मानी जाती है। समय के साथ आप उन चीजों में कम रुचि लेना शुरू कर देते हैं जिनका आप आमतौर पर आनंद लेते थे। ये ऊर्जा और नींद में कमी जैसी समस्याओं को भी बढ़ाने वाली हो सकती है।
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स्रोत और संदर्भ
WHO Commission on Social Connection
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