शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खून का संचार बेहतर तरीके से होते रहना बहुत जरूरी माना जाता है। इसमें होने वाली किसी तरह की रुकावट का कई अंगों पर नकारात्मक असर हो सकता है।
Blood Circulation: पूरे शरीर में खून के संचार को बेहतर बनाने के लिए करिए इस चीज का सेवन, सभी के किचन में मौजूद
एथेरोस्क्लेरोसिस की समस्या के बारे में जानिए
धमनियों की दीवारों पर वसा के जमा होने को मेडिकल की भाषा में एथेरोस्क्लेरोसिस के नाम से जाना जाता है। एथेरोस्क्लेरोसिस के कारण खून का संचार बाधित हो जाता है। इसमें धमनियां संकरी हो जाती हैं और हृदय और शरीर के अन्य भागों में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है।
हालांकि अच्छी बात ये है कि कुछ खाद्य पदार्थों के सेवन को धमनियों को बंद होने से बचाने और हृदय रोग के जोखिम को कम करने में फायदेमंद पाया गया है। हम सभी की किचन में मौजूद एक चीज को इसमें सबसे लाभकारी पाया गया है।
लहसुन का सेवन बहुत लाभकारी
नसों में किसी प्रकार की रुकावट को दूर करने और खून के संचार को बेहतर बनाने के लिए आहार में लहसुन को शामिल करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। लहसुन में एलिसिन नामक सल्फर यौगिक होता है जो आपकी रक्त वाहिकाओं को आराम देने और इन्हें स्वस्थ रखने में मदद करता है। अध्ययनों से पता चलता है कि दैनिक रूप से लहसुन को आहार में शामिल करके रक्त प्रवाह से संबंधित समस्याओं के खतरे को काफी कम किया जा सकता है।
ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करता है लहसुन
लहसुन का सेवन ब्लड क्लॉटिंग को तो रोकने में फायदेमंद है ही साथ ही इससे ब्लड प्रेशर की समस्या को कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है। साल 2020 में हुए अध्ययनों के मेटा-विश्लेषण में पाया गया कि लहसुन उच्च रक्तचाप वाले लोगों के लिए काफी फायदेमंद है। विश्लेषण में पाया गया कि लहसुन का प्रभाव रक्तचाप की कुछ दवाओं के समान था, लेकिन इसके साइड इफ़ेक्ट कम थे। लहसुन में मौजूद एलिसिन, एंजियोटेंसिन के उत्पादन को कम कर देता है, जो रक्तचाप बढ़ाने वाला एक हार्मोन है।
शरीर को डिटॉक्स करने में फायदेमंद
नसों को साफ रखने के साथ शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में भी लहसुन का सेवन करना आपके लिए फायदेमंद है। लहसुन में मौजूद सल्फर यौगिक धातु विषाक्तता से अंगों को होने वाले नुकसान से बचाने में लाभकारी पाया गया है। इसके अलावा लहसुन में मौजूद एलिसिन आपके रक्त और महत्वपूर्ण अंगों में लेड के स्तर को कम करता है। शरीर की विषाक्तता को कम करने के लिए रोजाना खाली पेट 3-4 लहसुन की कलियां खाने की आदत बनानी चाहिए।
--------------
नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।