वेटनरी वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि बिल्लियों के मालिकों को अपने पालतू जानवरों को घरों के अंदर ही रखना चाहिए ताकि जानवरों में कोरोना न फैले। लेकिन, ब्रिटिश वेटनरी एसोसिएशन ने जोर दिया है कि पालतू जानवरों के मालिकों को जानवरों से उनमें संक्रमण होने के खतरे को लेकर चिंतित नहीं होना चाहिए।
इंसानों और पालतू जानवरों को एक-दूसरे से कोरोना संक्रमण का कितना खतरा?
इंसानों से जानवरों में फैल सकता है संक्रमण
उन्होंने कहा, "किसी भी जानवर के फर में वायरस तब आ सकता है जब वह इस वायरस से संक्रमित किसी शख्स के संपर्क में आ जाए।" इस विषय पर एक रिसर्च पेपर में डॉक्टर एंजेल एलमेंड्रोस ने एक मामले का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है कि हांगकांग में एक 17 साल का पेट डॉग कोविड-19 से संक्रमित पाया गया। लेकिन, यह पता चला कि उसे उसके मालिक से यह संक्रमण हुआ था।
उन्होंने कहा, "लेकिन, इस तरह के मामलों के सामने आने के बावजूद जानवर बीमार नहीं हो रहे हैं।" वह कहते हैं, "2003 में हांगकांग में फैले सार्स-कोव में भी कई पालतू जानवर इसकी चपेट में आ गए थे, लेकिन वे बीमार नहीं हुए। इस बात के कोई प्रमाण नहीं हैं कि कुत्ते या बिल्लियां बीमार हो सकते हैं या लोगों को संक्रमित कर सकते हैं।"
इंसानों से यह बीमारी जानवरों में कैसे फैली?
ऐसा जान पड़ता है कि बिल्लियां रेस्पिरेटरी बूंदों से संक्रमित होने को लेकर संवेदनशील होती हैं। वायरस वाली ये बूंदे लोगों के खांसने, छींकने, उबकाई लेने और सांस बाहर छोड़ने से हवा में फैलती हैं। बेल्जियम में एक ऐसा मामला सामने आया जिसमें अपने मालिक में लक्षण दिखाई देने के बाद एक बिल्ली कोरोना टेस्ट में पॉजिटिव पाई गई। इस मामले के सामने आने के बाद चीन के वैज्ञानिकों ने लैब टेस्ट किए जिनसे पता चला कि संक्रमित बिल्लियों से दूसरी बिल्लियों में भी यह वायरस फैल सकता है।
यूके के पीरब्राइट इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर प्रोफेसर ब्रायन चार्ल्सटन ने कहा, 'प्रयोगात्मक साक्ष्यों से यह पता चल रहा है कि बिल्लियां संक्रमित हो सकती हैं, साथ ही न्यूयॉर्क के ब्रॉन्क्स जू में एक टाइगर भी संक्रमित हो गया है।' यह संस्थान संक्रामक बीमारियों की स्टडी करता है। यह भी प्रमाण आ रहे हैं कि इंसानों से अन्य जानवरों में संक्रमण फैल सकता है।
अस्तित्व के संकट से जूझ रहे जानवरों पर बढ़ा खतरा
इस बात के भी प्रमाण हैं कि इंसान रेस्पिरेटरी इनफेक्शंस को वाइल्ड ग्रेट एप्स (चिंपाजी) में भी फैला सकते हैं। इसकी वजह से कोविड-19 का फैलना ज्यादा चिंताजनक हो रहा है क्योंकि इससे गोरिल्ला समेत दूसरे खत्म होने की कगार पर मौजूद जानवरों पर खतरा बढ़ गया है।
इन सभी मामलों में संक्रमित इंसान ही दूसरे प्राणियों के लिए खतरा पैदा कर रहा है। प्रोफेसर चार्ल्सटन ने कहा, 'हमें पता है कि इस संकट की शुरुआत में यह वायरस किसी जानवर से इंसान में आया है। लेकिन, ऐसा इस वजह से हुआ लगता है कि इंसान ने उन संक्रमित जानवरों को खाया होगा।'
इस बात के साक्ष्य नहीं हैं कि जानवर इस बीमारी को वापस इंसान में डाल सकते हैं। डॉक्टर एलमेंड्रोस ने कहा, "अपने घर के पालतू जानवरों को भी घर के किसी अन्य सदस्य की तरह से रखिए। ऐसे में अगर आप को लग रहा है कि आप बीमार हैं तो पालतू जानवरों के साथ संपर्क न करें।"
उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि पेट ओनर्स सही सलाह और जानकारी के साथ अब चैन की नींद सो पाएंगे। लेकिन, मुझे पता है कि ये वक्त आसान नहीं है।"