World Kidney Day 2025: शरीर को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो लाइफस्टाइल और आहार को ठीक रखने के साथ आपको कुछ स्थितियों पर भी गंभीरता से ध्यान देते रहना जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से कम उम्र के लोगों में डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की समस्या देखी जा रही है, ये काफी चिंताजनक है। इन दोनों को कंट्रोल में रखने के लिए प्रयास जरूरी है। इस लेख में हम शुगर लेवल बढ़ने के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानेंगे।
World Kidney Day: आंखों से लेकर किडनी तक के लिए दिक्कतें बढ़ा सकती है आपकी ये छोटी सी गलती, हो जाइए सावधान
डायबिटीज एक गंभीर स्वास्थ्य की समस्या होने के साथ शरीर के कई अन्य अंगों को गंभीर क्षति पहंचा सकती है। असामान्य रूप से ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ जाने की समस्या को हाइपरग्लेसेमिया के रूप में जाना जाता है। आइए जानते हैं कि इसके क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं?
हाई ब्लड शुगर के हो सकते हैं कई नुकसान
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डायबिटीज एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या होने के साथ शरीर के कई अन्य अंगों के लिए गंभीर क्षति का कारण भी बन सकती है। असामान्य रूप से ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ जाने की समस्या को हाइपरग्लेसेमिया के रूप में जाना जाता है। जो लोग इसका शिकार हैं उनमें संक्रामक रोगों, किडनी की बीमारी, आंखों से धुंधला दिखने जैसी कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं।
डॉक्टर कहते हैं, अगर आपको डायबिटीज की दिक्कत है तो इसे अनदेखा करने की भूल न करें। समय-समय पर इसकी जांच करते रहें। हाई ब्लड शुगर को नजरअंदाज करने की गलती आपके लिए जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकती है।
किडनी और आंखों की दिक्कत
हाई ब्लड शुगर की समस्या (हाइपरग्लाइसेमिया) आंखों की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगती है जिसके कारण आपको धुंधला दिखने की समस्या हो सकती है। इतना ही नहीं अगर आपका शुगर अक्सर बढ़ा रहता है तो इससे दृष्टि हानि तक का खतरा हो सकता है। डायबिटीज के कारण आंखों को होने वाली समस्याओं को डायबिटिक रेटिनोपैथी कहा जाता है।
इसी तरह उच्च रक्त शर्करा स्तर किडनी को भी नुकसान पहुंचाने लगती है जिससे क्रोनिक किडनी डिजीज हो सकता है। हाई शुगर किडनी की रक्त वाहिकाओं को क्षति पहुंचाने लगती है इसके क्षतिग्रस्त होने का जोखिम रहता है।
घाव भरने में लगता है ज्यादा समय
मधुमेह के रोगियों में घावों के समय पर ठीक न होने की समस्या सबसे आम रहती है, हाइपरग्लेसेमिया की स्थिति में जटिलताएं और अधिक हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हाइपरग्लेसेमिया, प्रतिरक्षा प्रणाली को भी प्रभावित करती है, जिसके कारण घावों को ठीक करने के लिए शरीर की प्रतिक्रिया धीमी हो जाती है। ब्लड शुगर की स्थिति बहुत अधिक बढ़ जाने पर घावों को ठीक होने में कई बार महीनों लग सकते हैं।
संक्रमण का बढ़ जाता है खतरा
हाइपरग्लेसेमिया की स्थिति के कारण रोगियों में संक्रमण होने का खतरा अन्य लोगों के मुकाबले काफी अधिक हो जाता है। ऐसे रोगियों में पेशाब के संक्रमण का खतरा अधिक होता है जो किडनी की गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। हाइपरग्लेसेमिया के कारण होने वाले संक्रमणों के परिणामस्वरूप शरीर में एक स्ट्रेस रिस्पांस हो सकती है जिसके कारण कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन हार्मोन स्राव बढ़ जाता है।
शुगर को कंट्रोल में रखना इन सभी समस्याओं से बचाव के लिए बहुत जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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