कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने में टीकाकरण को सबसे प्रभावी उपाय के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने भी अब एक मई से देश में 18 साल और उससे अधिक आयु वाले लोगों के लिए टीकाकरण करने का ऐलान कर दिया है। देश में मौजूदा समय में दो वैक्सीन- कोवैक्सीन और कोवीशील्ड को प्रयोग में लाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैक्सीन, लोगों में कोरोना वायरस के कारण होने वाली मृत्यु दर को कम कर देती है।
कोरोना टीकाकरण: जानिए आपको दी जा रही वैक्सीन कितनी प्रभावी है? टीके के बाद कितने लोग हुए संक्रमित?
कोरोना संक्रमण में प्रभावी मानी जा रही कोवैक्सीन, पहली स्वदेशी कोरोना वैक्सीन है। इसे भारत बायोटेक और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने तैयार किया है। हाल ही में फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल्स के दूसरे अंतरिम नतीजों के आधार पर वैज्ञानिकों नें इस वैक्सीन की एफिकेंसी 78 फीसदी पाई है। सरल भाषा में समझें तो यह संक्रमण रोकने में 78 फीसदी तक कारगर हो सकती है।
क्या हैं इसके मायने
वैक्सीन को तैयार करके लोगों को लिए उपलब्ध कराने के दौरान कई स्तर पर इसका परीक्षण किया जाता है। इन परीक्षणों के आधार पर यह जानने की कोशिश की जाती है कि वैक्सीन कितने फीसदी लोगों को संक्रमण से सुरक्षित रखने में कारगर हो सकती है। भारत के संदर्भ में देखें तो वैक्सीन लेने के बाद पॉजिटिव हुए मरीजों में गंभीर लक्षण देखने को नहीं मिले हैं।
20 अप्रैल तक स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक-
- कोवैक्सीन के अब तक कुल 1.1 करोड़ खुराक दिए जा चुके हैं। पहले डोज में 93.56 लाख लोगों को टीके दिए गए जिसके बाद 4208 लोग संक्रमित हुए वहीं दूसरी डोज में 17.37 लाख से अधिक लोगों को टीके लगाए गए जिसके बाद कुल 695 लोगों को संक्रमण हुए।
- कोवीशील्ड के अब तक कुल 11.6 करोड़ खुराक दिए जा चुके हैं। पहले डोज में 10.04 करोड़ लोगों को टीके दिए गए जिसके बाद 17145 लोग संक्रमित हुए वहीं दूसरी डोज में 1.58 करोड़ से अधिक लोगों को टीके लगाए गए जिसके बाद कुल 5014 लोगों को संक्रमण हुआ।