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Quit Smoking: स्मोकिंग छोड़ने के पहले 30 दिनों में आपके शरीर में कैसे बदलाव आते हैं? यहां जानें
Sat, 03 Jan 2026 07:24 PM IST
शिखर बरनवाल
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिखर बरनवाल
Updated Sat, 03 Jan 2026 07:24 PM IST
सार
New Year Resolution: स्मोकिंग एक बेहद खराब आदत है, जिससे बहुत से लोग परेशान रहते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है की बात यह है कि इसका हमारे सेहत पर नकारात्मक असर पड़ता है, जिससे कई गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि इस आदत को छोड़ने पर शुरुआती 30 दिनों में शरीर में क्या लक्षण दिखते हैं?
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धूम्रपान
- फोटो : Freepik.com
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Body Changes 30 Days After Quitting Smoking: धूम्रपान छोड़ना जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण निर्णयों में से एक है। न्यू ईयर रेजोल्यूशन में बहुत से लोग स्मोकिंग छोड़ने का संकल्प लेते हैं। जैसे ही आप अपनी आखिरी सिगरेट पीकर छोड़ते हैं, आपका शरीर अविश्वसनीय गति से खुद को ठीक करना शुरू कर देता है। छोड़ने के मात्र 20 मिनट के भीतर, आपकी हृदय गति और रक्तचाप सामान्य होने लगता है। 12 घंटों के बाद, आपके रक्त में कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर गिरकर सामान्य हो जाता है, जिससे शरीर के अंगों को अधिक ऑक्सीजन मिलने लगती है।
धूम्रपान के नुकसान
- फोटो : Freepik.com
शुरुआत के 2 से 7 दिन
धूम्रपान छोड़ने के 48 घंटों के भीतर, क्षतिग्रस्त तंत्रिका तंत्र फिर से बढ़ने लगती हैं। आपको अचानक महसूस होगा कि खाने का स्वाद बेहतर हो गया है और फूलों या इत्र की खुशबू अधिक स्पष्ट हो गई है। तीन दिनों के बाद फेफड़ों की ब्रोन्कियल नलियां रिलैक्स होने लगती हैं, जिससे सांस लेना आसान हो जाता है और आपका एनर्जी लेवल बढ़ने लगता है। इस समय तक शरीर निकोटीन से पूरी तरह मुक्त हो चुका होता है।
ये भी पढ़ें- Back Pain: ठंड लगने से बढ़ गया है कमर और कंधों का दर्द? जान लें इससे बचाव के उपाय
धूम्रपान छोड़ने के 48 घंटों के भीतर, क्षतिग्रस्त तंत्रिका तंत्र फिर से बढ़ने लगती हैं। आपको अचानक महसूस होगा कि खाने का स्वाद बेहतर हो गया है और फूलों या इत्र की खुशबू अधिक स्पष्ट हो गई है। तीन दिनों के बाद फेफड़ों की ब्रोन्कियल नलियां रिलैक्स होने लगती हैं, जिससे सांस लेना आसान हो जाता है और आपका एनर्जी लेवल बढ़ने लगता है। इस समय तक शरीर निकोटीन से पूरी तरह मुक्त हो चुका होता है।
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साइनस में नाक बंद होने और सांस लेने में होती है परेशानी
- फोटो : freepik
अगले 10 से 15 दिन
दो सप्ताह के भीतर, आपके रक्त का संचार काफी सुधर जाता है। अब आपको चलते समय या सीढ़ियां चढ़ते समय इतनी थकान महसूस नहीं होगी जितनी पहले होती थी। आपके फेफड़ों में जमा बलगम साफ होने लगता है और सांस की नली की सूजन कम हो जाती है। यह वह समय है जब आपके मसूड़े और दांत भी स्वस्थ दिखने लगते हैं क्योंकि मुंह में रक्त का प्रवाह बेहतर हो जाता है।
ये भी पढ़ें- Health Tips: मीठा खाते समय किन बातों का ध्यान रखना है जरूरी? डॉक्टर ने दी सलाह
दो सप्ताह के भीतर, आपके रक्त का संचार काफी सुधर जाता है। अब आपको चलते समय या सीढ़ियां चढ़ते समय इतनी थकान महसूस नहीं होगी जितनी पहले होती थी। आपके फेफड़ों में जमा बलगम साफ होने लगता है और सांस की नली की सूजन कम हो जाती है। यह वह समय है जब आपके मसूड़े और दांत भी स्वस्थ दिखने लगते हैं क्योंकि मुंह में रक्त का प्रवाह बेहतर हो जाता है।
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थकान
- फोटो : Freepik
20 से 30 दिन में दिखेगा ये असर
एक महीना पूरा होते-होते, आपके फेफड़ों में मौजूद 'सिलिया' (छोटी बाल जैसी संरचनाएं जो धूल और संक्रमण को बाहर निकालती हैं) फिर से सक्रिय हो जाती हैं। इससे फेफड़ों के संक्रमण का खतरा कम हो जाता है और खांसी या सांस फूलने की समस्या लगभग गायब हो जाती है। आपकी त्वचा में भी चमक आने लगती है क्योंकि उसे अब पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण मिल रहा है। आपका आत्मविश्वास बढ़ता है और निकोटीन की मानसिक गुलामी कमजोर पड़ने लगती है।
एक महीना पूरा होते-होते, आपके फेफड़ों में मौजूद 'सिलिया' (छोटी बाल जैसी संरचनाएं जो धूल और संक्रमण को बाहर निकालती हैं) फिर से सक्रिय हो जाती हैं। इससे फेफड़ों के संक्रमण का खतरा कम हो जाता है और खांसी या सांस फूलने की समस्या लगभग गायब हो जाती है। आपकी त्वचा में भी चमक आने लगती है क्योंकि उसे अब पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण मिल रहा है। आपका आत्मविश्वास बढ़ता है और निकोटीन की मानसिक गुलामी कमजोर पड़ने लगती है।
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पौष्टिक खानपान
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एक स्वस्थ भविष्य की नींव
30 दिन पूरे करना इस बात का प्रमाण है कि आपने सबसे कठिन बाधा पार कर ली है। अब आपका शरीर हार्ट अटैक और फेफड़ों के कैंसर के जोखिम को कम करने की दिशा में तेजी से बढ़ता है। ध्यान रखें इस सफर में कभी-कभी हार मानने का मन करेगा, लेकिन आपकी शारीरिक रिकवरी की यह गति आपको प्रेरित रखने के लिए काफी है। इस बदलाव को स्थायी बनाने के लिए स्वस्थ आहार और व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
30 दिन पूरे करना इस बात का प्रमाण है कि आपने सबसे कठिन बाधा पार कर ली है। अब आपका शरीर हार्ट अटैक और फेफड़ों के कैंसर के जोखिम को कम करने की दिशा में तेजी से बढ़ता है। ध्यान रखें इस सफर में कभी-कभी हार मानने का मन करेगा, लेकिन आपकी शारीरिक रिकवरी की यह गति आपको प्रेरित रखने के लिए काफी है। इस बदलाव को स्थायी बनाने के लिए स्वस्थ आहार और व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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