क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिसे चॉकलेट न पसंद हो? चॉकलेट अपने स्वाद के लिए काफी पसंद किया जाता रहा है, पर स्वाद से कहीं ज्यादा इसके स्वास्थ्य लाभ भी हो सकते हैं। चॉकलेट कोको फली के बीज से बनती है। इसकी खेती संभवतः लगभग 2,500 साल पहले ओल्मेक्स और माया लोगों द्वारा की गई थी।
Chocolate Benefits: क्या डॉर्क चॉकलेट से ब्लड प्रेशर-कोलेस्ट्रॉल में मिलता है लाभ? जानिए शोध में क्या पता चला
पोषक तत्वों-एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर
डॉर्क चॉकलेट में फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, कॉपर सहित कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारी सेहत के लिए कई प्रकार से लाभकारी हैं। हालांकि इसे सबसे खास बनाती है इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा।
डार्क चॉकलेट कार्बनिक यौगिकों से भरपूर होती है जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करते हैं। इनमें पॉलीफेनोल्स, फ़्लैवेनॉल्स और कैटेचिन आदि शामिल हैं। शोध के अनुसार, डार्क चॉकलेट में मौजूद पॉलीफेनोल्स, बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकती है।
ब्लड प्रेशर रोगियों को मिल सकता है लाभ
डार्क चॉकलेट में मौजूद फ्लेवेनॉइड्स, नाइट्रिक ऑक्साइड का उत्पादन करने के लिए धमनियों की परत (एंडोथेलियम) को उत्तेजित करता है। नाइट्रिक ऑक्साइड, धमनियों को आराम देने और रक्त प्रवाह के प्रतिरोध को कम करने के लिए सबसे आवश्यक है, इसलिए हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों को इससे लाभ मिल सकता है।
अध्ययनों से पता चलता है कि डार्क चॉकलेट में पाया जाने वाला कोकोआ रक्त प्रवाह में सुधार करता है, इससे भी ब्लड प्रेशर रोगियों को आराम मिलता है।
हृदय पर कम होता है दबाव
चूंकि डॉर्क चॉकलेट, ब्लड प्रेशर को कम करने में सहायक है और इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण बैड कोलेस्ट्रॉल के जोखिमों को भी कम करते हैं, ऐसे में यह हृदय से संबंधित खतरों को भी कम करता है। कई अध्ययनों से पता चला है कि फ्लेवनॉल से भरपूर कोकोआ या चॉकलेट का सेवन करने से रक्तचाप कम होता है और हृदय स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि प्रति सप्ताह कम से कम 3 बार चॉकलेट खाने से हृदय रोग का खतरा 9% तक कम हो सकता है।
स्ट्रेस-एंग्जाइटी भी होती है कम
यदि आपको अक्सर स्ट्रेस-एंग्जाइटी की समस्या बनी रहती है तो इस तरह की दिक्कतों में भी डॉर्क चॉकलेट से लाभ मिल सकता है। वैज्ञानिकों ने पाया कि दो सप्ताह तक प्रतिदिन एक मध्यम आकार का डार्क चॉकलेट (40 ग्राम) खाने से तनाव हार्मोन कोर्टिसोल के साथ-साथ न्यूरोहार्मोनल स्तर को भी कम किया जा सकता है। डिप्रेशन के शिकार लोगों में भी डॉर्क चॉकलेट खाने से लाभ देखा गया है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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